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विराट-अनुष्का: परनिंदा सुख में डुबकी लगा रही अराजक भीड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 March 2016, 9:09 IST

हम सब जानते हैं कि हाल ही तक क्रिकेटर विराट कोहली और हिरोइन अनुष्का शर्मा डेट कर रहे थे. मीडिया में आई खबरों की मानें तो उनका हाल ही में ब्रेक अप भी हो गया.

दोनों के प्यार की खबर आने का साथ ही सोशल मीडिया पर अनुष्का शर्मा की ट्रॉलिंग शुरू हो गयी थी. सोशल मीडिया पर परनिंदा सुख में डुबकी मारने को आतुर ट्रॉल अनुष्का को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते.

2015 के आईसीसी विश्वकप के सेमीफाइनल में सिडनी ग्राउंड में भारत और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने थे. अनुष्का विराट का हौसला बढ़ाने के लिए वहां पहुुंची थीं.

दर्शकों को शायद ये पता भी नहीं चलता कि अनुष्का वहां हैं, अगर टीवी कैमरा बार-बार उनपर फोकस न करता. क्रिकेट मैचों को टीआरपी का संकट कभी नहीं रहता लेकिन टीवी वाले दर्शकों को सस्ता मनोरंजन उपलब्ध कराने का कोई भी मौका चूकना नहीं चाहते.

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भारत वो मैच हार गया. विराट उसमें अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके. मैच के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया ट्रॉल ने बदतमीजी की पिछली सारी सीमाएं तोड़ दीं. अनुष्का के बारे में निहायत ही भद्दे कमेंट किए गए. सोशल मीडिया, खासकर ट्विटर पर विराट के खराब प्रदर्शन के लिए अनुष्का को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था.

virat anushka

हम जानते हैं कि सोशल मीडिया पर नकारात्मक सोच वाले लोग भरे पड़े हैं और उन्हें अपने अंदर का जहर उतारने का बहाना भर चाहिए. लेकिन अनुष्का के संग जो हुआ उसके पीछे कोई तर्क भी है?

उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आप कोई परीक्षा देने जा रहे हैं. आपको नैतिक समर्थन देने के लिए आपके परिवार का कोई सदस्य(माता-पिता या भाई-बहन) भी वहां जाता है. आप परीक्षा में फेल हो जाते हैं. तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? आप में से शायद ही कोई मानेगा कि आपके फेल होने के लिए आपके परिवार के लोग जिम्मेदार थे. फिर ट्रॉल अनुष्का के पीछे क्यों पड़े रहते हैं.

अनुष्का शर्मा के बारे में सोशल मीडिया पर घटिया बातें लिखना मध्यकालीन स्त्रीविरोधी मानसिकता की उपज

सिडनी में विराट की विफलता को क्रिकेटक प्रशंसक कुछ ही दिनों बाद भूल गए लेकिन ट्राल अनुष्का को नीचा दिखाना नहीं भूले. टी-20 विश्व कप के एक मैच में भारत और ऑस्ट्रेलया आमने-सामने थे. विराट इस मैच में अच्छा खेले. इस बार अनुष्का स्टेडियम में मौजूद नहीं थीं. फिर भी ट्रॉल ने विराट के प्रदर्शन का अनुष्का एंगल निकाल लिया!

जी हां, इन ट्विटरबाजों के अनुसार विराट अनुष्का से ब्रेक अप हो जाने के कारण ही अच्छा प्रदर्शन कर सके!

आखिर ट्विटरबाजों को अनुष्का से क्या दिक्कत है? इसका सीधा जवाब है कि आज भी हमारे बीच मध्यकालीन पितृसत्तात्मक स्त्री-विरोधी विचार वालों की अच्छी खासी संख्या है. ये वही लोग हैं जो ये मानते हैं कि औरत तो मर्द को कमजोर बनाती है!

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ट्विटर पर कई लोगों ने लिखा कि अनुष्का से ब्रेक अप हो जाने के कारण विराट ने एकाग्रचित्त ढंग से आक्रामक पारी खेली! ऐसे जाहिलियत भरे बयानों में तर्क ढूंढना भी बेवकूफी होगी.

हमारे बीच अभी भी ऐसे लोग हैं जो मानते हैं कि पुरुष की नियति, स्त्री के भाग्य से तय होती है

भारत के सेमी-फाइनल में पहुंचने पर सभी क्रिकेट प्रशंसकों को खुशी हुई लेकिन उसके बाद अनुष्का के मेमे बनाकर सोशल मीडिया पर ज़लील करने की कोशिश केवल ओछी मानसिकता दर्शाती है.

अनुष्का का मजाक बनाने वालों का प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन करके हममें से कई लोग उनकी स्त्री-विरोधी मानसिकता को बढ़ावा देते हैं.

हम ये भी भूल जाते हैं कि कोई भी खिलाड़ी या इंसान भगवान नहीं होता. वो हर रोज़ अपना सर्वोत्तम नहीं दे सकते. वो किसी दिन सफल होत हैं तो किसी दिन विफल भी हो सकते हैं.

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पेशेवर खिलाड़ियों के लिए उनका खेल वैसा ही है जैसे हमारे लिए हमारे पेशे. हम अगर दफ्तर में कोई काम ठीक से नहीं कर पाते तो क्या उसके लिए हमारी पत्नियों या प्रेमिकाओं को दोषी ठहराया जा सकता है? लेकिन अनुष्का को बार-बार इसके लिए दोषी ठहराया जा रहा है.

पुरुषों के खराब प्रदर्शन के लिए महिलाओं को दोष देना नई बात नहीं है. हमारे बीच अभी भी ऐसे लोग हैं जो मानते हैं कि पुरुष की नियति, स्त्री के भाग्य से तय होती है. महिलाओं को अपनी विफलताओं के लिए बलि का बकरा बनाकर हम अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकार नहीं करना चाहते. हमें अपना गुस्सा निकालने के लिए एक कमजोर शिकार चाहिए होता है.

लेकिन अब वक्त आ गया है कि हम इस दोषारोपण की क्षुद्र मानसिकता से उबरें. आखिरकार, दूसरों को नीचा दिखाने से कोई खुद ऊपर नहीं उठ जाता.

First published: 31 March 2016, 9:09 IST
 
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