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हॉकी: भारत ने रचा इतिहास, चैंपियंस ट्रॉफी का चैंपियन बनने से एक कदम दूर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(ट्विटर एफआईएच)

लंदन में चल रही चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के फाइनल में पहुंचकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है. टूर्नामेंट के 36 संस्करण में यह पहला मौका है, जब भारतीय टीम ने खिताबी भिड़ंत में जगह बनाई है.

हालांकि आखिरी लीग मुकाबले में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया से 4-2 से हार गई, लेकिन फिर भी प्वाइंट्स टेबल में सात अंक हासिल करते हुए भारत फ़ाइनल में पहुंच गया.

दरअसल लीग के एक दूसरे मैच में ब्रिटेन और बेल्जियम के बीच मुकाबला 3-3 से ड्रॉ रहा. ऐसे में इन टीमों को एक-एक अंक आपस में बांटना पड़ा. भारत पांच मैचों में 2 जीत, एक ड्रॉ और 2 हार के साथ 7 अंक हासिल कर सका. 

ऑस्ट्रेलिया से आज खिताबी टक्कर

फ़ाइनल में आज ही भारत की टक्कर वर्ल्ड नंबर एक और वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम से होगी. भारत को टूर्नामेंट में 34 साल बाद पहली बार कोई पदक हासिल होगा.

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 5 में से सिर्फ़ एक मैच मेज़बान ग्रेट ब्रिटेन के ख़िलाफ़ ड्रॉ खेला और 13 अंक लेकर टॉप पर रही. भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम के हाथों हार का सामना करना पड़ा. जबकि भारत ने इस टूर्नामेंट में ओलिंपिक चैंपियन और चैंपियंस ट्रॉफ़ी चैंपियन जर्मनी के खिलाफ मुक़ाबला ड्रॉ खेला.

भारतीय टीम ने फाइनल के सफर में मेजबान ग्रेट ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया को शिकस्त दी. प्वाइंट्स टेबल में भारत दूसरे नंबर पर रहा. 

भारतीय टीम की ऐतिहासिक कामयाबी

भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के अब तक के इतिहास में पहली बार फ़ाइनल में जगह बनाई है. इससे पहले भारत सिर्फ एक बार 1982 में पोडियम पर जगह बना पाया था.

भारत पिछले दो चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में 2012 और 2014 में चौथे नंबर पर रहा. हॉकी के इस एलीट टूर्नामेंट में भारत अब तक 15 बार क्वालिफाई कर पाया है. टूर्नामेंट में दुनिया की सिर्फ टॉप 6 टीमों को हिस्सा लेने का मौका मिलता है.

First published: 17 June 2016, 11:21 IST
 
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