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ICC ने शाकिब पर लगाया दो साल का बैन फिर भी करेंगे 2020 में वापसी, जानिए क्या है कारण

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 October 2019, 15:17 IST

बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन को दो साल के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से बैन कर दिया गया है. शाकिब को बैन करने का फैसला आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट ने लिया है. दरअसल, शाकिब पर आरोप लगा है कि उन्हें तीन अलग अलग मौके पर बुकी ने संपर्क किया था और उन्होंने यह बात आईसीसी से छुपाई थी. शाकिब ने अपनी गलती मान ली है जिसक कारण उन्हें पांच साल का बैन नहीं लगा है. बता दें, नियमों के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी इस तरह की घटना में दोषी पाया जाता है तो उसे अधिकतम पांच सालों तक के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बैन किया जा सकता है.

आईसीसी ने शाकिब पर दो साल का बैन लगाया है उसमें एक साल की अवधि निलंबित रखी गई है. आईसीसी ने यह बैन साल 2018 से लगाया है. आईसीसी के जनरल मैनेजर (इंटीग्रिटी) एलेक्स मार्शल ने शाकिब पर बैन लगने के बाद कहा,'शाकिब अल हसन बेहद अनुभवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं. उन्होंने मैच फिक्सिंग का ऑफर मिलने के बाद क्या किया जाना चाहिए, इसे लेकर हुए काफी प्रोग्राम में हिस्सा लिया है. उन्हें इसकी जानकारी आईसीसी की एंटी करप्‍शन यूनिट को देनी चाहिए थी.'

उन्होंने आगे कहा,'शाकिब ने अपनी गलतियों को स्वीकार किया है और जांच में पूरी तरह से सहयोग किया है. उन्होंने भविष्य की शिक्षा में वफ़ादारी इकाई की सहायता करने की पेशकश की है, ताकि युवा खिलाड़ियों को उनकी गलतियों से सीखने में मदद मिल सके. मैं इस प्रस्ताव को स्वीकार करके खुश हूं.'

वहीं शाकिब अल हसन ने अपने एक बयान में कहा,'निश्चित रूप से मैं इस खेल को बहुत प्यार करता हूं और खुद पर दो साल का प्रतिबंध लगने से बेहद दुखी हूं. मगर मैं मैच फिक्सिंग के ऑफर की जानकारी आईसीसी को न देने के लिए खुद पर लगे आरोपों को स्वीकार करता हूं. आईसीसी की एंटी करप्‍शन यूनिट भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए खिलाड़ियों द्वारा अहम भूमिका निभाए जाने का भरोसा रखती है, लेकिन मैं इस मामले में अपना कर्तव्य निभाने में असफल रहा.'

विश्व कप के 12वें संस्करण में इतिहास रचने वाले शाकिब अल हसन ने कहा,'दुनियाभर के अधिकतर खिलाड़ियों और प्रशंसकों की तरह मैं भी क्रिकेट को भ्रष्टाचारमुक्त खेल के तौर पर स्‍थापित होते देखना चाहता हूं. और मैं भी आईसीसी की एंटी करप्‍शन यूनिट के साथ मिलकर युवा खिलाड़ियों को इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास करूंगा ताकि जो गलती मैंने की है, वो गलती वे न करें.'

आईसीसी ने कहा है कि शाकिब को साल 2018 में पहले बांग्लादेश, श्रीलंका और जिम्वाबे के बीच हुई ट्राई सीरीज के दौरान संपर्क किया गया था. इसके बाद उन्हें इसी सीरीज के दौरान दूसरी बार बुकी ने संपर्क किया. वहीं 26 अप्रैल 2018 को आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच हुए मुकाबले में भी शाकिब ने बुकी ने संपर्क साधा था लेकिन शाकिब ने आईसीसी को इसकी जानकारी नहीं दी. जिसके बाद आीसीसी की एंटी करप्‍शन यूनिट ने शाकिब को धारा 2.4.4 का दोषी पाया और उन्हें बैन करने का निर्णय लिया.

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First published: 30 October 2019, 15:17 IST
 
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