Home » खेल » income of the state cricekt boards in T-20 world cup in india
 

इस टी-20 विश्व कप में बीसीसीआई और आईसीसी दोनों की झोली भरेगी

कैसर मोहम्मद अली | Updated on: 13 March 2016, 9:03 IST
QUICK PILL
  • टी-20 वर्ल्ड कप में हर मैच के लिए स्थानीय क्रिकेट बोर्डों को 1.65 करोड़ रुपये मिलेंगे. जिस राज्य की बीसीसीआई में जितनी पहुंच उसे मिले उतने मैच. जितने अधिक मैच उतनी अधिक कमायी.
  • साल 2011 के वनडे विश्व कप के लिए आईसीसी ने बीसीसीआई के माध्यम से मैच का \r\nआयोजन करने वाले हर बोर्ड को प्रति मैच 3.34 करोड़ रुपये दिए थे. तब डीडीसीए को चार मैचों के आयोजन के लिए 13.36 करोड़ रुपये मिले थे. हैरत \r\nकी बात ये है कि 2010-11 की अपनी बैलेंसशीट में डीडीसीए ने 69.23 लाख रुपये\r\n का घाटा दिखाया है.

आपने अक्सर क्रिकेटरों की कमायी की खबरें पढ़ी होंगी. क्रिकेट बोर्डों के अधिकारियों की कमायी के बारे में भी आपने कुछ पढ़ा-सुना होगा. लेकिन आज हम आपको क्रिकेट एसोसिएशनों की कमायी और उसके पीछे के समीकरण बारे में बताएंगे.

क्रिकेट की नियमाक संस्था आईसीसी के एक अधिकारी ने कैच को बताया कि टी-20 वर्ल्ड कप में हर मैच के स्थानीय क्रिकेट बोर्डों को 1.65 करोड़ रुपये मिलेंगे. इन क्रिकेट बोर्डों को ये राशि उनके अंतर्गत आने वाले क्रिकेट ग्राउंड को टूर्नामेंट के लिए देने की खातिर मिलेंगे.

आईसीसी के अधिकारी ने बताया कि महिला क्रिकेट में मिलने वाली राशि पुरुषों की तुलना में बहुत कम है. महिलाओं के हर मैच के लिए 28.69 लाख रुपये मिलते हैं.

अधिकारी ने बताया कि स्थानीय बोर्डों को ये पैसा बीसीसीआई भुगतान करता है जो उसे बाद में आईसीसी से मिल जाता है. टी-20 वर्ल्ड कप के मैच देश भर के आठ मैदानों में होंगे.

इस टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे अधिक कमायी विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन(वीसीए) करेगा. वीसीए को कुल 9.66 करोड़ रुपये की कमायी होगी.

पढ़ें: टी-20 विश्वकपः आज होगा आगाज, ओमान होगा पहली बार शामिल

कमायी के मामले में दूसरे नंबर पर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल(सीएबी) है. सीएबी को 8.53 करोड़ रुपये की कमायी होगी.

अक्सर गलत वजहों से खबरों में रहने वाला डीडीसीए कमायी के मामले में तीसरे नंबर पर है

अक्सर गलत वजहों से खबरों में रहने वाला दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन(डीडीसीए) कमायी के मामले में तीसरे नंबर पर है. डीडीसीए टी-20 वर्ल्ड कप के दस मैचों(महिला और पुुरुष मिलाकर) का आयोजन करेगा. जिससे उससे 8.32 करोड़ रुपये की कमायी होगी.

टी-20 वर्ल्ड कप में डीडीसीए पुरुषों के चार और महिलाओं के छह मैचों का आयोजन करेगा. जिससे उसे क्रमशः 6.60 करोड़ रुपये और 1.72 करोड़ रुपये की कमायी होगी.

साल 2011 के वनडे विश्व कप के लिए आईसीसी ने बीसीसीआई के माध्यम से मैच का आयोजन करने वाले हर बोर्ड को प्रति मैच 3.34 करोड़ रुपये दिए थे. तब डीडीसीए को चार मैचों के आयोजन के लिए 13.36 करोड़ रुपये मिले थे. हैरत की बात ये है कि 2010-11 की अपनी बैलेंसशीट में डीडीसीए ने 69.23 लाख रुपये का घाटा दिखाया है. उससे भी ज्यादा हैरानी की बात ये है कि बोर्ड ने इस घाटे की कोई वजह भी नहीं बतायी.

पढ़ें:टी-20 वर्ल्ड कप: 7 खिलाड़ी जो ले सकते हैं संन्यास

उस सयम जब डीडीसीए के खजांची नरींदर बत्रा से इसकी वजह पूछी गयी तो उन्होंने कहा था कि अभी आयोजन का पूरा पैसा नहीं मिला है. इसलिए अगले साल के बैलेंटशीट में ये राशि दिखायी जाएगी. हालांकि अगले साल यानी 2011-12 की बैलेंसशीट में भी इस बाबत कोई जानकारी नहीं थी.

हैरत की बात है कि बीसीसीआई ने भी कभी डीडीसीए से इसके बारे में कोई पूछताछ नहीं की. जबकि खुद बीसीसीआई की 2011-12 की बैलेंसशीट में ये राशि दिखायी गयी है.

ऐसे में देखना ये है कि इस टी-20 वर्ल्ड कप के बाद भी डीडीसीए खुद को घाटे में बताता है या फायदे में.

आईसीसी अधिकारी के अनुसार डीडीसीए को कुल राशि का 25 प्रतिशत एक मार्च को पहली किश्त के तौर पर मिल चुका है. उसे ये पैसा कुल तीन किश्तों में मिलना है.

बीबीसीआई 15 मार्च को 25 प्रतिशत राशि की दूसरी किश्त का भुगतान कर देगा. 50 प्रतिशत की अंतिम किश्त टी-20 वर्ल्ड कप खत्म होने के 30 दिनों के अंदर मिल जाएगा. इन सभी भगुतानों के लिए डीडीसीए को भगतान की तारीख से 15 दिन पहले इनवायस(काम की रसीद) दे देना होगा.

पढ़ें:क्रिकेट में सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता मिलेः जस्टिस लोढ़ा समिति

आईसीसी के अधिकारी के अनुसार चूंकि टी-20 वर्ल्ड कप का आयोजन आईसीसी करता है इसलिए वो आयोजक देश के क्रिकेट नियामक संस्था(भारत में बीसीसीआई) से अनुबंध करता है. स्थानीय संस्था अपने संबंधित सस्थाओं को भुगतान करती है जो बाद में आईसीसी से उसे वापस मिल जाता है. 

इस टी-20 वर्ल्ड कप में दिल्ली, विदर्भ, बंगाल के अलावा हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन, पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन और तमिलनाडु क्रिकट एसोसिएशन के तहत आने वाले क्रिकेट ग्राउंड में मैचों का आयोजन होगा.

किस क्रिकेट एसोसिएशन को मैच का आयोजन मिलेगा ये इस बात से तय होता है कि किसकी बीसीसीआई में कितनी पहुंच है.

किस क्रिकेट एसोसिएशन को कितने मैच का आयोजन मिलेगा ये इस बात से तय होता है कि बीसीसीआई में उसकी कितनी पहुंच है

इन आठ में से छह क्रिकेट एसोसिएशनों ने पिछले साल बीसीसीआई का चुनाव जगमोहन डालमिया-अनुराग ठाकुर गुट के तहत लड़ा था. उनके मुकाबले में  एन श्रीनिवासन का गुट था. श्रीनिवासन उस समय बीसीसीआई और तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे. श्रीनिवासन गुट को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.

डालमिया-ठाकुर गुट को अध्यक्ष और सेक्रेटरी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जीत मिली. इस गुट को एक वरिष्ठ केद्रीय मंत्री का भी संरक्षण प्राप्त है.

डालमिया के निधन के बाद इस गुट ने शशांक मनोहर को अध्यक्ष पद के लिए पेश किया. बीसीसीआई के वर्तमान अध्यक्ष विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं. वीसीए का मुख्यालय नागपुर में है और मनोहर के बेटे अद्वैत इस समय उसके उपाध्यक्ष हैं. वीसीए नागपुर के बाहर बने एक अत्याधुनिक स्टेडियम में टी-20 वर्ल्ड कप के आठ मैचों का आयोजन करेगा. इसीलिए इस बार सबसे ज्यादा कमायी वीसीए करेगा.

पढ़ें:तेजस्वी यादव (डिप्टी सीएम, बिहार) : असफल क्रिकेटर, सफल राजनेता?

हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन(एचपीसीए) इस साल कमायी के मामले में दूसरे नंबर पर हो सकता था, जिसके सचिव अनुराग ठाकुर हैं. एचपीसीए को ये नुकसान भारत और पाकिस्तान के हिमाचल में प्रस्तावित मैच के रद्द होने से हुआ है. अब ये मैच कोलकाता में होगा. फिर भी इस साल एचपीसीए को इस साल 6.63 करोड़ रुपये की आमदनी होगी. और वो कमायी के मामले में चौथे नंबर पर रहेगा.

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन इस साल कमायी के मामले में पांचवे नंबर पर रहेगा. उसे चार पुरुष मैचों और एक महिला मैच के आयोजन के लिए कुल 6.34 करोड़ रुपया मिलेगा.

श्रीनिवासन गुट का प्रबल समर्थक रहे कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन कमायी के मामले में छठे नंबर पर है. उसे तीन पुरुष और चार महिला मुकाबलों के लिए कुल 6.09 करोड़ रुपये मिलेंगे.

सातवें नंबर पर पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन है जिसे 5.81 करोड़ रुपये मिलेंगे. पंजाब पुरुषों और महिलाओं के तीन-तीन मैच आयोजित करेगा.

पढ़ें: हाथ नहीं है फिर भी जड़ते हैं छक्का, देखिये वीडियो

श्रीनिवासन के कार्यकाल में सबसे ताकतवर माने जाने वाले तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन इस साल कमायी के मामले में सबसे नीचे आठवें पायदान पर रहेगा. तमिलनाडु में एक भी पुरुष मैच नहीं होंगे. वो केवल चार महिला मैचों का आयोजन करेगा.

हो सकता है कि आपको इन आकंड़ों से थोड़ी हैरत हो रही हो लेकिन बीसीसीआई के लिए ये सब अलिखित दस्तूर जैसा है. बीसीआईआई के अध्यक्ष और सेक्रेटरी जिस राज्य क्रिकेट बोर्ड के होते हैं सबसे ज्यादा मैच या कमायी उसी के हिस्से आती है.

First published: 13 March 2016, 9:03 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी