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20 साल पहले अमेरिका में पेस को क्यों जोड़ने पड़े थे हाथ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 June 2016, 17:06 IST
(पत्रिका)

राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. भारत की तरफ से व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले 12 खिलाडियों में से एक लिएंडर पेस ने कहा कि 1996 अटलांटा खेलों के दौरान सेंटिनियल पार्क बम विस्फोट से बचने के बाद वह पदक जीतने के लिए अधिक प्रतिबद्ध हो गए थे. 

खेल पत्रकार दिग्विजय सिंह देव और अमित बोस की किताब ‘माई ओलंपिक जर्नी' में खुलासा किया गया है कि पेस को उस दिन खेल गांव में फिर से प्रवेश करने के लिये काफी मशक्कत करनी पडी थी.

सुरक्षा अधिकारियों के आगे जोड़ने पड़े हाथ-पांव 

रियो में अपने रिकॉर्ड सातवें ओलंपिक में भाग लेने की तैयारियों में जुटे इस दिग्गज ने याद किया कि किस तरह से उन्हें अंदर घुसने के लिए सुरक्षा अधिकारियों के आगे हाथ पांव जोड़ने पड़े थे.

पेस ने कहा, ‘‘मेरे माता-पिता, मेरी टीम और मैं तब पार्क के अंदर थे जब यह हुआ. हम 30-40 फुट दूर थे और धमाकों से हम भी अंदर तक कांप गये थे. हमारे आसपास कुर्सियां और मेज बिखरी थी और मेरे कान बज रहे थे. अगले 24 घंटे तक मुझे सुनने में दिक्कत महसूस हुई.''

उन्होंने बताया, ‘‘जब मैं खेल गांव के एंट्री गेट पर पहुंचा तो वो बंद था. मैंने सुरक्षाकर्मियों से अनुरोध किया कि वह मुझे अंदर जाने दे. मैंने उन्हें अपनी पहचान बतायी.

मैंने उससे कहा कि मेरे माता पिता घर चले गये हैं और सार्वजनिक परिवहन भी बंद हो गया है. मैं कहीं नहीं जा सकता हूं. लेकिन सुरक्षाकर्मी किसी को भी अंदर नहीं घुसने देने के आदेशों का पालन कर रहे थे. उन्होंने मुझसे कहा कि कोई दूसरा गेट ढूंढ़ो जो खुला हो."

आंद्रे अगासी को हराने की क्षमता

पेस ने कहा, ‘‘मैं दौड़कर दूसरे गेट तक गया. मैं अगले 20 मिनट तक एक गेट से दूसरे गेट तक दौड़ता रहा और शायद पांचवें गेट पर मैंने सुरक्षाकर्मी के सामने हाथ-पांव जोडे़. मैंने उसे बताया कि जब बम विस्फोट हुआ तो मैं पार्क में था. वह काफी विनम्र था और उसने दिमाग से काम लेते हुए एक ओलंपिक खिलाड़ी को अंदर जाने दिया. 

पेस ने कहा, ‘‘मैं अपने अपार्टमेंट के ब्लॉक में पहुंचा. मैं बहुत भाग्यशाली था जो उस दिन सेंटिनियल पार्क से बच कर निकल गया था और मैं जानता था कि ईश्वर ने हमेशा की तरह मुझ पर अपनी कृपा दिखायी थी. इस घटना ने मुझे अधिक प्रतिबद्ध बना दिया था. असल में मेरे अंदर विश्वास जागा कि मैं सेमीफाइनल में आंद्रे अगासी को हरा सकता हूं. '' 

गौरतलब है कि पेस सेमीफाइनल में अमेरिकी दिग्गज से हार गये थे, लेकिन कांस्य पदक के लिए खेले गये मैच में उन्होंने फर्नांडो मेलिगनी को हराया और इस तरह से 1952 के बाद व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले वे दूसरे खिलाड़ी बने."

First published: 25 June 2016, 17:06 IST
 
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