Home » खेल » Misbah-ul-Haq becomes oldest captain to score Test century
 

42 साल के मिस्बाह-उल-हक ने लॉर्ड्स में शतक लगाकर रचा इतिहास

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 July 2016, 12:10 IST
(क्रिकइंफो)

पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह-उल-हक (42) ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे पहले टेस्ट में गुरुवार को शतक लगाकर इतिहास रच दिया. मिस्बाह टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज कप्तान बन गए.

इससे पहले सबसे ज़्यादा उम्र में बतौर कप्तान शतक जमाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के बॉब सिम्पसन के नाम था, जिन्होंने 41 साल और 359 दिन की उम्र में 1977-78 में शतक बनाया था.

मिस्बाह और असद ने पांचवें विकेट के लिए सातवीं बार 100 से ज़्यादा रन जोड़े. इसी के साथ उन्होंने रिकी पॉन्टिंग और स्टीव वॉ की छह शतकीय साझेदारियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.

शतक ठोक मिस्बाह ने बनाए कई रिकॉर्ड

कप्तान मिस्बाह उल हक (नाबाद 110) और अशद शफीक (73) की बेहतरीन पारियों की बदौलत पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स मैदान पर चल रहे चार मैचों की टेस्ट सीरीज में पहले टेस्ट के पहले दिन छह विकेट पर 282 रन बना लिए हैं.

टेस्ट मैचों में मिस्बाह का 10वां शतक है. बतौर कप्तान मिस्बाह उल हक अब तक आठ शतक जड़ चुके हैं, और इसी के साथ वह पाकिस्तान की ओर से सबसे ज़्यादा शतक बनाने वाले कप्तान भी बन गए हैं. उन्होंने इंज़माम उल हक के कप्तान के तौर पर सात शतकों का रिकॉर्ड तोड़ा.

82 साल में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब 40 पार के किसी खिलाड़ी ने टेस्ट में शतक लगाया है. मिस्बाह से पहले 1934 में इंग्लैंड के पेस्टी हेंड्रन ने 45 साल की उम्र में 100 रन बनाए थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड पर शतक लगाया था.

मिस्बाह का इंग्लैंड की धरती पर यह पहला टेस्ट शतक है. इससे पहले इंग्लैंड के ऑलराउंडर क्रिस वोक्स ने जल्द ही दो विकेट लेकर पाकिस्तान की मुसीबत बढ़ा दी थी.

40 साल की उम्र पार करने के बाद यह मिस्बाह का पांचवां शतक है. 40 पार कर किसी भी कप्तान ने तीन से ज़्यादा शतक नहीं बनाए हैं. 

क्रिकइंफो

अनोखे अंदाज में मनाया शतक का जश्न

मिस्बाह ने दिन के खेल के बाद कहा, "मैंने आर्मी वालों से किए वादे को निभाया. लाहौर में कैंप के पहले हमारा एबोटाबाद में बूट कैंप हुआ था. हम जैसे ही ग्राउंड में पहुंचते थे, तो 10 पुशअप्स लगाते थे. मैंने सेना के अधिकारियों से वादा किया था कि यदि मैं शतक लगाऊंगा तो मैं उनके सम्मान में 10 पुशअप्स लगाऊंगा."

मिस्बाह ने कहा कि यदि उनके सार्जेंट वहां होते तो उनसे 10 पुशअप्स और लगवाते क्योंकि पहली बार उनके हाथ ज्यादा मुड गए थे. लेकिन ग्राउंड में मौजूद किसी भी खिलाड़ी ने इसकी शिकायत नहीं की और उनके साथी बल्लेबाज असद शफीक मुस्कुराते हुए उन्हें यह करते हुए देखते रहे. मिस्बाह ने कहा, "हमने फिटनेस और स्किल्स के लिए कैंप में बहुत मेहनत की थी और इसका हमें इंग्लैंड में निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा."

मिस्बाह ने कहा, "लॉर्ड्स के मैदान पर लगाया शतक अपने आप काफी मायने रखता है. इंग्लैंड में मैंने पहली बार शतक लगाया है. मैं यह शतक अपनी पत्नी को डेडिकेट करना चाहता हूं क्योंकि मैं जब भी मैदान पर खेल रहा होता हूं, तो वो मेरे लिए व्रत रखती हैं."

First published: 15 July 2016, 12:10 IST
 
अगली कहानी