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अजहर पर बनी फिल्म देखने से पहले जान लें अजहर से जुड़ा मैच फिक्सिंग विवाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 May 2016, 15:53 IST

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन एक बार फिर चर्चा में हैं. 16 साल पहले टीम इंडिया के बेहतरीन बल्लेबाज और फील्डर अजहर का करियर उस वक्त अचानक से खत्म हो गया जब उनपर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा.

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से पूर्व सांसद रह चुके अजहरुद्दीन के जीवन पर बनी फिल्म 'अजहर' 13 मई को रिलीज होने वाली है. फिल्म में अभिनेता इमरान हाशमी पूर्व कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं. इस फिल्म में मैच फिक्सिंग कांड में पूर्व कप्तान अजहर की भूमिका का घटनाक्रम दिखाया गया है.

साल 2000 को विश्व क्रिकेट का सबसे काला अध्याय माना जाता है. उस समय दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन कप्तान हैंसी क्रोनिए पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था. इसमें दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों का नाम भी सामने आया था.

क्रोनिए के खुलासे क्रिकेट में भूचाल

सात अप्रैल, 2007 को दिल्ली पुलिस ने हैंसी क्रोनिए पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाते हुए खुलासा किया कि उसके पास क्रोनिए और मैच फिक्सर संजीव चावला की बातचीत का टेप है.

क्रोनिए के अलावा दिल्ली पुलिस ने तीन अन्य दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों हर्शल गिब्स, निकी बोए और पीटर स्ट्रेडम पर भी फिक्सिंग आरोप लगाया.

इस खुलासे के कुछ दिनों बाद ही क्रोनिए को कप्तानी से हटा दिया गया. जून, 2000 में क्रोनिए ने मैच फिक्सरों से अपने संबंध की बात कबूलते हुए उस समय भारतीय टीम के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन पर भी मैच फिक्स का आरोप लगाया.

क्रोनिए ने आरोप लगाया कि 1996 में कानपुर टेस्ट मैच के दौरान अजहर ने उन्हें मुकेश गुप्ता नाम के फिक्सर से मिलवाया था. उन्होंने अजहर के अलावा भारतीय बल्लेबाज अजय जडेजा और पाकिस्तान के सलीम मलिक का नाम भी लिया. अक्टूबर, 2000 में क्रोनिए पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया.

मामले की जांच सीबीआई को

हैंसी क्रोनिए के आरोप के बाद यह मामला देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई को सौंप दिया गया. सीबीआई  की तीन सदस्यीय समिति ने बहुत कम समय में हुई अपनी जांच के बाद 162 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सौंपी.

इस जांच के आधार पर अजहर और अजय शर्मा पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया. वहीं टीम के उप-कप्तान अजय जडेजा और मनोज प्रभाकर पर पांच-पांच साल तक क्रिकेट न खेलने का प्रतिबंध लगाया गया जबकि टीम के फिजियो रहे अली ईरानी पर भी प्रतिबंध लगा था.

मनोज प्रभाकर ने लिया कपिलदेव का नाम

भारतीय टीम के पूर्व आलराउंडर मनोज प्रभाकर ने कपिल देव समेत कई भारतीय खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग के गंभीर आरोप लगाए थे. इस मामले में उनकी जांच भी हुई थी. जांच के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने प्रभाकर पर भी पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया.

वहीं कपिलदेव पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगने के बाद उन्हें भारतीय टीम के कोच पद से इस्तीफा देना पड़ा था. हालांकि, मैच फिक्सिंग की जांच करने वाले एक अधिकारी ने अनुसार मनोज प्रभाकर ने कपिल देव पर जो 'रिश्वत'' देने के आरोप लगाए थे वे सभी जांच के दौरान बेबुनियाद पाए गए.

'अजहरुद्दीन पर आजीवन प्रतिबंध गलत'

नवंबर, 2012 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने अजहरुद्दीन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को गलत करार दिया. फैसले के बाद अजहर ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि वो अब क्रिकेट तो नहीं खेल सकते लेकिन नए खिलाड़ियों के लिए काम जरूर करना चाहेंगे.

उन्होंने देरी से आए फैसले पर कहा, 'सब ईश्वर की इच्छा है, मैंने धैर्य से काम लिया, परिणाम सामने हैं, मैं किसी पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. हैंसी क्रोनिए अब रहे नहीं और उन पर बात करना ठीक नहीं होगा.'

सीबीआई की चार्जशीट में सिर्फ क्रोनिए का नाम

मैच फिक्सिंग के खुलासे के दो साल बाद हैंसी क्रोनिए की मौत एक हवाई हादसे में हो गई थी. उस समय क्रोनिए सिर्फ 32 साल के थे.

मैच फिक्सिंग के खुलासे के 13 साल बाद दिल्ली पुलिस ने ट्रॉयल कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में दावा किया है कि क्रोनिए ने मैच फिक्सिंग के लिए 1.2 करोड़ रुपये दो किस्तों में लिए थे. दिल्ली पुलिस के आरोप पत्र में क्रोनिए एक मात्र क्रिकेटर थे. इसमें किसी भारतीय क्रिकेटर का नाम नहीं था.

अजहर का करियर

भारतीय टीम के सफल कप्तानों में से एक अजहर ने 99 टेस्ट और 334 वनडे मैच खेले हैं. टेस्‍ट मैच में अजहर ने 22 शतक और 21 अर्धशतक के साथ 6,216 रन बनाये हैं, वहीं वनडे में उन्‍होंने 7 शतक और 58 अर्धशतक के साथ 9,378 रन बनाये.

उनकी कप्‍तानी में टीम इंडिया ने कुल 47 टेस्‍ट मैच खेले जिसमें 14 मैच में जीत और 14 मैचों में हार मिली. वनडे में उनकी कप्‍तानी में भारतीय टीम ने 174 वनडे मैच खेले जिसमें 90 मैचों में जीत और 76 मैचों में हार मिली.

आईपीएल में भी उठा फिक्सिंग विवाद

फिक्सिंग विवाद से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भी अछूता नहीं रहा है. आईपीएल के छठे संस्करण (2013) में राजस्थान रॉयल्स के एस श्रीसंत, अजित चंडिला, अंकित चव्हाण और सट्टेबाजों को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

इस मामले में साल 2015 में जस्टिस लोढा समिति ने चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगाया.

First published: 9 May 2016, 15:53 IST
 
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