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अनुभवी युवी-धोनी: बल्ला उम्र पूछकर नहीं चलता

श्रेयस शर्मा | Updated on: 10 February 2017, 1:36 IST
(एएफ़पी)

दिल पर हाथ रख कर कहिए; उस वक्त आपको कैसा लगा था, जब इंगलैंड के साथ पांच वन डे मैचों की सीरीज के लिए 35 साल के युवराज सिंह को दोबारा टीम में जगह दी गई? क्या अन्य विशेषज्ञों की तरह आपको भी लगा कि युवी को फिर से टीम में जगह देना उचित कदम नहीं था? युवराज सिंह ने वापसी से पहले 2013 में वन डे मैच खेला था. उसके बाद से लेकर अब तक तो कई युवा खिलाडि़यों ने शानदार और बेहतर क्रिकेट का प्रदर्शन किया है. 

अगर ऊपर पूछे गए दोनों सवालों का जवाब हां है तो क्या आपने बुधवार को कटक में खेला गया मैच देखा है? युवी ने इन सारे कयासों को झूठा साबित कर दिया. 

मैच का आलम यह था कि भारतीय टीम 25-3 पर खेल रही है. क्रिस वोक्स विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी सहित तीन विकेट ले चुके हैं. इसके बाद दो बल्लेबाजों ने मिलकर स्कोर 256 तक पहुंचा दिया, जिनकी दोनों की उम्र कुल मिलाकर 70 साल होती है. इनमें से एक तो हैं युवराज, जिनकी वापसी को गलत ठहराया जा रहा था. और पिच के दूसरे छोर पर थे धोनी; जिन्होंने हाल ही कप्तानी छोड़ी है. 

धोनी दस साल तक टीम के कप्तान रहे और उन्हें किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है. बात चाहे बैटिंग की हो या विकेटकीपिंग की; धोनी का प्रदर्शन शानदार ही रहा है. 

युवराज की शानदार एंट्री

बाएं हाथ के बल्लेबाज युवराज सिंह ने 150 रन बनाए और दाएं हाथ के बल्लेबाज महेन्द्र सिंह धोनी ने 134 रन की शानदार पारी खेली. उनकी साझेदारी ने भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया. उन्होंने ही भारतीय टीम का स्कोर 381-6 पर पहुंचा दिया जो वन डे क्रिकेट में पहली पारी का बड़ा स्कोर कहा जा सकता है.

अफवाहें तो ऐसी भी थी कि पिछले कुछ सालों से युवराज टीम में इसलिए नहीं थे क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी ऐसा नहीं चाहते थे और यहां तक कहा गया कि नए कप्तान विराट कोहली की वजह से ही युवराज सिंह की टीम में वापसी हुई है. एक और कारण यह बताया गया कि टीम के चयनकर्ताओं ने घरेलू क्रिकेट में युवराज के प्रदर्शन को देखकर उन्हें वन डे सीरीज के लिए चुना.

अगर कोहली के कारण युवराज सिंह की वापसी हुई है तो उन्हें सलाम! और अगर चयनकर्ताओं ने युवी को मौका दिया है तो वे धन्यवाद के पात्र हैं. भारतीय टीम के दो अहम खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे और रोहित शर्मा के चोटिल होने के चलते टीम को वैसे भी संजीवनी की जरूरत थी. और युवराज ने ठोक बजा कर अपनी वापसी को सही ठहराया.

बल्ले की बोली

युवराज ने इस मैच में अपने करियर के सर्वोत्तम खेल का प्रदर्शन करते हुए 127 गेंदों पर 150 रन बना दिए. 35 साल 38 दिन की उम्र के युवी ने 21 चौके और 3 छक्के लगाए. वे एक के बाद एक चौके लगाए जा रहे थे. युवी ने चेक ड्राइव, डाउन द ग्राउंड और कवर ड्राइव शॉट लगाए और इनकी टाइमिंग देखने लायक थी.

लगता है युवी को इंग्लैंड से कुछ खास लगाव है. उनके बहुत से बड़े स्कोर इंग्लैंड के खिलाफ मैच में ही बने हैं. उस देश के साथ मैच में, जिसे क्रिकेट का जनक कहा जाता है. 2007 में वर्ल्ड ट्वेंटी-20 मैच में युवी ने डर्बन में स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर में छह छक्के मारे थे. 

कटक मैच में युवी के शॉट लगता है इसी कड़ी का हिस्सा हैं. इस बार युवी की रनिंग बिटवीन द विकेट भी उनकी फिटनेस दिखा गई जबकि 2011 में कैंसर की बीमारी के बाद वे ऐसी रनिंग नहीं दिखा पाए थे. युवराज की लय देखकर क्रिकेट फैन नए जोश और उत्साह से भर गए. 

धोनी लौटे फॉर्म में

पिच के दूसरे छोर पर हाल ही कप्तानी छोड़ बल्लेबाजी क्रम में आए महेंद्र सिंह धोनी ने भी बिना दबाव के शानदार पारी खेली. वन डे मैचों की इस सीरीज से ठीक पहले खेले गए एक अभ्यास मैच में संभवतःधोनी ने अपने कप्तानी करियर की अंतिम पारी खेली थी. यह मुंबई का ब्राबॉर्ने स्टेडियम था और उनकी टीम इंडिया ‘ए’ यह मैच हार गई थी.

खेल के बाद युवी ने धोनी के साथ एक वीडियो सेल्फी बनाई, जिसमें वे धोनी से पूछ रहे हैं कि अगर वे कप्तान नहीं हों तो  क्या बिना दबाव के खेलेंगे. और कटक मैच में सबने देख भी लिया कि हां, धोनी कप्तानी छोड़ने के बाद बेहतर खेल सके. पारी की धीमी शुरूआत करते हुए धोनी ने 10 चौके और छह छक्के लगा कर 122 गेंदों पर 134 रन बनाए. लग रहा था जैसे पुराने धोनी फॉर्म में लौट आए हों. धोनी ने तीन साल बाद किसी वन डे मैच में शतक मारा है.

कटक मैच में 1981 में जन्मे इन दोनों क्रिकेटरों ने नए युवा खिलाडि़यों को दिखा दिया कि क्रिकेट ऐसे खेला जाता है. दोनों की उम्र में मात्र 5 महीने का अंतर है. क्रिकेट प्रशंसकों के मन में अभी एक ही सवाल चल रहा है कि क्या ये दोनों 2019 के वर्ल्ड कप में भी यही कमाल दोहरा पाएंगे? फिलहाल तो युवी और धोनी दोनों ने दिखा दिया कि बल्ला उम्र नहीं पूछता.

First published: 20 January 2017, 3:04 IST
 
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