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सिंधू से बोले गुरु गोपीचंद- ये मत सोचना मैच हारा, ये सोचना मेडल जीता

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2016, 11:14 IST
(एजेंसी)

रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद पीवी सिंधू ने इतिहास रच दिया. सोशल मीडिया से लेकर देशभर में उनकी चर्चा हो रही है. सिंधू की इस कामयाबी पर उनके कोच पुलेला गोपीचंद काफी खुश हैं.

फाइनल मुकाबले के बाद गोपीचंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीवी सिंधू ने जिस तरीके का प्रदर्शन किया उस पर उन्हें गर्व है.   

मेडल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय

बैडमिंटन महिला सिंगल्स फाइनल में सिंधू को मारिन ने 19-21, 21-12, 21-15 से हराया. सिंधु का यह पहला ओलंपिक था. वो 21 साल की उम्र में ओलंपिक मेडल जीतकर पदक हासिल करने वाली सबसे युवा भारतीय भी बन गई हैं.

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सिंधू की सफलता के पीछे उनके कोच पुलेला गोपीचंद का बड़ा हाथ है. गोपीचंद ने देश को कई वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी दिए हैं. 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीतने वाली साइना नेहवाल को निखारने में भी उन्हीं का हाथ है. 

'बहुत बड़ी खिलाड़ी बनीं'

इसके अलावा किदांबी श्रीकांत और पी कश्यप भी उन्हीं की बैडमिंटन अकादमी से निकले हैं. सिंधू की कामयाबी पर गोपीचंद ने कहा, "उन्हें अपनी शिष्या पर नाज है. पूरे टूर्नामेंट में सिंधू ने जबरदस्त खेल दिखाया और वो एक बहुत बड़ी खिलाड़ी बन गई हैं."

फाइनल के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने मुकाबले के बाद सिंधू से कहा कि यह मत सोचना कि तुमने मैच हारा है, तुम यह सोचना कि ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता है."

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इस बीच भारतीय बैडमिंटन संघ ने पीवी सिंधू को 50 लाख और कोच गोपीचंद को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है.

तीन महीने से नहीं था मोबाइल

गोपीचंद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सिंधू के पास पिछले तीन महीने से मोबाइल फोन नहीं था. साथ ही गोपीचंद ने बताया कि सिंधू का वजन न बढ़े इसके लिए वे सिंधू के प्लेट से खाना तक निकालकर बाहर कर देते थे.

गोपीचंद ने कहा, "अब मैं उसे मोबाइल वापस कर दूंगा. लेकिन इसके लिए उसे थोड़ा सा इंतजार करना पड़ेगा. मैं मोबाइल चार्ज करने के बाद उसे दे दूंगा." 

आइसक्रीम खाने की जताई इच्छा

गोपीचंद ने बताया कि सिल्वर मेडल जीतने के बाद सिंधू ने सबसे पहले आइसक्रीम खाने की इच्छा जताई. गोपीचंद ने कहा कि अब सिंधू को पूरी छूट है. वो जो चाहे खा सकती है. 

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गौरतलब है कि गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी में ब्रेड और शुगर पूरी तरह से बैन है. रियो जाने वाले खिलाड़ियों के साथ प्रैक्टिस करने के लिए गोपीचंद खुद भी पिछले आठ महीने से कार्बोहाइड्रेट वाले प्रोडक्ट्स से दूर हैं. साथ ही गोपीचंद ने सिंधू पर चॉकलेट और हैदराबादी बिरयानी खाने पर भी पाबंदी लगा रखी थी.

फाइल फोटो
First published: 20 August 2016, 11:14 IST
 
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