Home » खेल » Paralympics Devendra Jhajharia says i am happy with Khel Ratna for this year but I should have got it 12 years ago.
 

खेल रत्न मिलने पर पैरालिम्पक देवेंद्र झाझरिया बोले- ''देर आय दुरुस्त आए'

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 August 2017, 12:11 IST

देश का सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न के लिए नामांकित किए जाने वाले पैरालिम्पक खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया ने गुरुवार को कहा कि उन्हें तकरीबन एक दशक पहले एथेंस पैरालिम्पक 2004 में विश्व रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने के मौके पर यह पुरस्कार हासिल करना चाहिए था. 36 साल के झाझरिया दो स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पैरालम्पिक खिलाड़ी है. उन्होंने पिछले साल ही रियो पैरालम्पिक खेलों में भी सोने का तमगा जीता थाय

झाझरिया खेल रत्न चुनने वाली न्यायाधीश सी.के. ठक्कर की अध्यक्षता वाली समिति की पहली पसंद थे.उनके अलावा भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह को खेल रत्न के लिए समिति ने नामित किया है. सर्वोच्च खेल सम्मान के लिए नामित होने से बेहद खुश झाझरिया ने आईएएनएस से कहा, "इस सफर में जिन्होंने मेरा साथ दिया, सबसे पहले मैं उन्हें शुक्रिया कहना चाहता हूं. इतने बड़े सम्मान के लिए नामित होना मेरे लिए खुशी की बात है, लेकिन यह 12 साल पहले होना चाहिए था".

झाझरिया ने कहा, "अगर यह अवार्ड 12 साल पहले, जब मैंने अपना पहला पैरालिम्पक स्वर्ण पदक विश्व रिकार्ड के साथ जीता था, तब मिलता तो मैं ज्यादा खुश और प्रोत्साहित होता। लेकिन, फिर भी वो कहते हैं न कि देर आय दुरुस्त आए". 2004 में झाझरिया ने पुरुषों की भालाफेंक स्पर्धा में एफ-46 श्रेणी में 62.15 मीटर की दूरी तय करते हुए नया विश्व रिकार्ड बनाया था और सोना जीता था.

वह पैरालम्पिक में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय थे.  बीजिंग-2008 और लंदन-2012 पैरालम्पिक खेलों में एफ-46 श्रेणी को रखा नहीं गया था, इसलिए झाझरिया को अपना ही रिकार्ड तोड़ने का मौका नहीं मिला था. पिछले साल रियो में एक बार फिर एफ-46 श्रेणी को शामिल किया गया और इस बार भारतीय खिलाड़ी ने मौका हाथ से जाने नहीं दिया. इस बार दूरी थी, 63.7 मीटर, झाझरिया ने अपना ही विश्व रिकार्ड तोड़ दिया था और एक बार फिर स्वर्ण के साथ देश लौटे थे.

उन्होंने कहा, "यह मेरे और मेरे परिवार के लिए सिर्फ गर्व की बात नहीं है. इस तरह के प्रतिष्ठित अवार्ड अपने साथ जिम्मेदारी लेकर भी आते हैं. इससे मुझे युवा खिलाड़ियों को खेल को एक करियर के तौर पर लेने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलेगी". झाझरिया को अपने नामित होने के बाद उम्मीद है कि उनका यह नामांकन बाकी पैरालम्पिक खिलाड़ियों के लिए रास्ते खोल देगा.

First published: 4 August 2017, 12:11 IST
 
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