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शानदार...जबर्दस्त...जिंदाबाद सिल्वर गर्ल पीवी सिंधू

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 August 2016, 8:41 IST

रियो ओलंपिक में शुक्रवार को भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू फाइनल में स्पेन की कैरोलीना मारिन से 19-21, 21-12, 21-15 से हार गई. भारत के लिए व्यक्तिगत स्पर्धा में सिंधू ने चौथा रजत पदक जीता है. 

सिंधू पहली भारतीय महिला हैं जिन्होंने किसी भी मुकाबले में रजत पदक जीता है. सिंधू निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (एथेंस 2004), विजय कुमार (लंदन 2012) और पहलवान सुशील कुमार (लंदन 2012) के बाद ओलंपिक में व्यक्तिगत रजत पदक जीतने वाली चौथी भारतीय हैं.

टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही दुनिया की 10वें नंबर की खिलाड़ी सिंधू स्पेनी खिलाड़ी मरीन के बनाये दबाव के आगे टूट गई और रियो सेंटर में एक घंटा और 23 मिनट चले मुकाबले में पहला गेम जीतने के बावजूद हार गईं.

ओलंपिक पदक जीतने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी

21 वर्षीय सिंधू ओलंपिक में पदक जीतने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी हैं. इसके अलावा सिंधू पांचवीं भारतीय महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक में पदक जीता है.

भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी (सिडनी 2000), मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम (लंदन 2012), बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल (लंदन 2012) और पहलवान साक्षी मलिक (रियो 2016) भारत की ओर से खेलों के महाकुंभ में पदक जीतने वाली महिला खिलाड़ी हैं.

'मरीन का दिन था, मैं सिल्‍वर जीतकर खुश हूं'

पीवी सिंधु ने कहा है कि वह रियो ओलंपिक में महिला एकल बैडमिंटन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर खुश हैं. भारतीय खिलाड़ी ने कहा, ‘एक दिन साक्षी मलिक ने पदक जीता था, अब मैंने जीता. हम सभी ने काफी बढ़िया खेल दिखाया. जिंदगी की तरह खेल में भी उतार-चढ़ाव होंगे. जैसे एक या दो अंक गंवाना. मैं हर किसी को बधाई देना चाहूंगी. यह हफ्ता मेरे लिये काफी अच्छा रहा.’

सिंधु ने मारिन की उनके ओलिंपिक गोल्‍ड मेडल के लिये तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मैं कैरोलिना को भी बधाई देती हूं. आज के मैच में हम दोनों खिलाड़ी आक्रामक थीं और कोर्ट पर काफी आक्रामकता से खेल रही थी. एक को जीतना था और एक को हारना था. लेकिन आज सेंटर कोर्ट पर उसका दिन था.’

सिंधू पर इनामों की बौछार

भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) के अध्यक्ष डॉक्टर अखिलेश दास गुप्ता ने सिंधू के लिए 50 लाख रुपये की इनामी राशि की घोषणा की है. बाई के अलावा देश के अन्य खेल संघों में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने भी सिंधु को पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की. 

तेलंगाना सरकार ने सिंधू को एक करोड रुपये नकद देने की घोषणा की है. सूत्रों के अनुसार सरकार सिंधू को नकद के अलावा जमीन भी देगी. मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सिंधु को 50 लाख रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की है.

हैदराबाद जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के प्रमुख वी चामुंडेश्वरनाथ ने सिंधू को बीएमडब्ल्यू कार देने का ऐलान किया है. 2012 में लंदन ओलिंपिक में जब हैदराबाद की साइना नेहवाल कांस्य पदक जीतकर लौटी थी तब भी उन्हें बीएमडब्ल्यू कार प्रदान की गई थी. उस वक्त मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर और चामुंडेश्वरनाथ ने साइना को कार भेंट की थी.

सिंधू का सफर

पांच जुलाई, 1995 को वर्तमान तेलंगाना में जन्मी लंबे कद वाली पीवी सिंधू तब सुर्खियों में आई जब उन्होंने साल 2013 में ग्वांग्झू चीन में आयोजित विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता. पीवी सिंधू के पिता पीवी रमन्ना और मां पी विजया भी वॉलीबाल खिलाड़ी रह चुके है. शायद यही कुछ सिंधू को भी खेलों में खींच लाया.

सिंधू को बैडमिंटन के गुर देश के एक बड़े बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुके पूर्व आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियन पुलेला गोपीचंद ने सिखाए. पुलेला हैदराबाद में अपनी बैडमिंटन अकादमी चलाते हैं.

विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली सिंधू भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनी. इसके बाद सिंधू ने इसी कामयाबी को अगले ही साल 2014 में कोपेनहागेन में भी दोहरा दिया.

उन्होंने लगातार दूसरे साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा.

साल 2013 में ही उन्होंने मलेशिया ओपन और मकाऊ ओपन का खिताब जीता. मकाऊ ओपन के फाइनल में उन्होंने कनाडा की मिशैल ली को 21-15, 21-12 से हराया. सिंधू के खाते में अभी तक छह बड़े खिताब आ चुके हैं.

First published: 21 August 2016, 8:41 IST
 
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