Home » खेल » Relief for Delhi: HC nod for WT20 games in Ferozshah Kotla
 

कोटला में मैच तो होगा लेकिन अवैध स्टैंंड में दर्शक नहीं होंगे

कैसर मोहम्मद अली | Updated on: 9 March 2016, 16:11 IST
QUICK PILL
  • दिल्ली हाईकोर्ट ने डीडीसीए को राहत देते हुए फिरोजशाह कोटला मैदान में टी-20 मैच कराए जाने की अनुमति दे दी है लेकिन अदालत ने विवादित आरपी मेहरा ब्लॉक में वीआईपी और क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बैठने पर रोक लगा दी है.
  • पिछले हफ्ते कोर्ट ने कहा था कि मैच शुरू होने से पहले विवादित आरपी मेहरा ब्लॉक को जमींदोज कर देना चाहिए. आरपी मेहरा ब्लॉक ऐतिहासिक स्थल कोटला स्मारक से महज 20 मीटर की दूरी पर है.

दिल्ली हाईकोर्ट की वजह से मंगलवार का दिन दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के लिए उतार-चढ़ाव वाला रहा. डीडीसीए के लिए खुशी की खबर यह रही कि दिल्ली में इस महीने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के 10 मैचों के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा. दिल्ली में प्रस्तावित सभी मैच कोटला में ही होंगे. 

हालांकि बुरी खबर यह रही कि कोर्ट ने एसोसिएशन को फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में अवैध रूप से बने आरपी मेहरा ब्लॉक (ओल्ड क्लब हाउस) में किसी भी दर्शक या अधिकारी के बैठने पर रोक लगा दी है. 

जस्टिस एस मुरलीधर और विभू बाखरु की बेंच ने हालांकि मीडिया, प्रसारकों और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों को विवादित भवन में बैठने की मंजूरी दे दी है. इस ब्लॉक का निर्माण 1990 के दशक में किया गया था और तब मौजूदा वित्त मंत्री अरुण जेटली डीडीसीए के प्रेसिडेंट हुआ करते थे.

आरपी मेहरा ब्लॉक फिरोजशाह कोटला के अवशेषों के निकट होने की वजह से विवादों के घेरे में है

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा, 'टी-20 वर्ल्ड कप के 10 मैचों के लिए आरपी मेहरा ब्लॉक में बैठने के लिए टिकट की बिक्री नहीं की जाएगी. यह सभी मैच इस महीने खेले जाने हैं और इस बारे में डीडीसीए को संबंधित अधिकारियों ने इत्तिला दे दी है.'

कानूनी अड़चनों की वजह से मैच की तैयारियों को रोक दिया गया था. लेकिन अब मंगलवार के आदेश के बाद बुधवार से मैचों की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी. लेकिन डीडीसीए को अगले विवाद की आशंका बनी हुई है.

कैसे होगा फैसला

आरपी मेहरा ब्लॉक फिरोजशाह कोटला के अवशेषों के निकट होने की वजह से विवादों के घेरे में है. कोटला अवशेषों को भारतीय पुरातात्विक विभाग ने संरक्षित स्मारक घोषित कर रखा है. यह विवादित ढांचा कोटला अवशेषों से महज 20 मीटर की दूरी पर है. एएसआई के नियमों के मुताबिक किसी भी संरक्षित स्मारक के 100 मीटर के दायरे में किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता.

बेंच ने मंगलवार को न तो इस ढांचे को तोड़े जाने का आदेश दिया और नहीं इस पर रोक लगाई. डीडीसीए के सीनियर मेंबर एनसी बख्शी के वकील हरीश मल्होत्रा ने कैच को बताया, 'बेंच ने कहा कि न तो हम मैच को कराए जाने की अनुमति दे रहे हैं और नहीं इसे रद्द करने का आदेश दे रहे हैं. हम इस बारे में सक्षम अधिकारियों पर फैसला छोड़ते हैं.'

इस मामले में सक्षम प्राधिकार दक्षिणी दिल्ली नगर निगम है जिसने सोमवार को डीडीसीए को स्टेडियम में मैच कराए जाने की मंजूरी दे दी लेकिन उसने इस दौरान आरपी मेहरा ब्लॉक का जिक्र कर कई तरह की आशंकाओं को हवा दे दी है.

बक्शी ने इस 'अवैध ब्लॉक' के खिलाफ याचिका दायर कर रखी है. उनका कहना है कि जब 1995-96 में स्टेडियम को फिर से बनाया जा रहा था तब आरपी मेहरा ब्लॉक में काम करने की मंजूरी नहीं मिली थी. अभी यह मामला जारी है और ऐसा लगता है कि जून के अंत तक इस ब्लॉक को गिरा दिया जाएगा जैसा कि डीडीसीए ने कोर्ट को दिए हलफनामे में बताया है.

कहां बैठेंगे वीआईपी?

मंगलवार के आदेश ने डीडीसीए के अधिकारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. आरपी मेहरा ब्लॉक में बीसीसीआई प्रेसिडेंट का बॉक्स भी है और इसके साथ ही वीआईपी और अन्य बड़ी शख्सियतों के बैठने का इंतजाम है. इसके अलावा इसमें कॉमेंटरी बॉक्स और प्रेस दीर्घा भी इसमें शामिल हैं.

सेवानिवृत्त जस्टिस मुकुल मुदगल की तरफ से मिले दिशानिर्देशों के बाद डीडीसीए के अधिकारी ने कहा, 'अब हमें आईसीसी, बीसीसीआई और डीडीसए के अधिकारियों को कहीं और बिठाने का इंतजाम करना होगा.' कोटला में अभी तक आशंका की स्थिति बनी हुई है.

डीडीसीए के एक अधिकारी ने कहा, 'अधिकारी भ्रम की स्थिति में हैं और यही वजह है कि हम बाहर बैठे हुए हैं. कारण यह है कि आरपी मेहरा ब्लॉक का टिकट नहीं बेचा जाएगा और यह उनके लिए शर्मिंदगी की बात है.' आम तौर पर डीडीसीए के अधिकारी प्रशासनिक दफ्तों में बैठे होते हैं. मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी. 

और पढ़ें: सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान का धर्मशाला में मैच खेलने से इंकार

और पढ़ें: टी-20 विश्वकपः आज होगा आगाज, ओमान होगा पहली बार शामिल

और पढ़ें: मारिया शारापोवा डोप टेस्ट में हुईं थी फेल, हो सकता है 2 साल के लिए निलंबन

First published: 9 March 2016, 16:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी