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रियो ओलंपिक 2016: गोपीचंद ने कहा, सचमुच पदक जीतने पर नजर लगाये हैं तो ड्रा मायने नहीं रखता

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2016, 8:27 IST
(कैच न्यूज)

भारत के मुख्य बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद का मानना है कि अगर शटलर सचमुच पदक जीतने पर नजर लगाये हैं तो ड्रा मायने नहीं रखता और उन्होंने कहा कि पांच अगस्त से शुरू होने वाले रियो ओलंपिक में पदक जीतने के लिये खिलाड़ियों को दबाव में लगातार दो मैच अपने नाम करने होंगे.

कुल सात भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने रियो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया है जिसमें लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल भी शामिल हैं. इन खिलाड़ियों के प्रतिद्वंद्वी का फैसला 26 जुलाई को होने वाले ड्रा से तय होगा.

गोपीचंद ने यहां ग्रेटर नोएडा में अपनी अंतरराष्ट्रीय अकादमी लांच करने के मौके पर पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरा मानना है कि ड्रा मायने नहीं रखता, अगर आप सचमुच पदक पर निगाह लगाये हो. आपके भले ही शुरू में या फिर क्वार्टरफाइनल राउंड खराब जा सकते हैं. इसलिये मैं इस बारे में चिंतित नहीं हूं. मैं जानता हूं कि तैयारियां काफी अच्छी चल रही हैं. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस बार हमारा काफी बड़ा दल है. हमारे पुरूष युगल शटलरों ने भी महिला युगल खिलाड़ियों के साथ क्वालीफाई किया है. हमारे पास साइना है जिसने लंदन में पदक जीता था जो काफी अनुभवी खिलाड़ी है. हमारे पास के श्रीकांत और पीवी सिंधू हैं जिनके पास भी मौका है. मेरा मानना है कि ओलंपिक में होने वाले दबाव में लगातार दो अच्छे मैच जीतकर ऐसा हो सकता है क्योंकि कुछ भी संभव है. ’’.

साइना और ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा की महिला युगल जोड़ी लंदन ओलंपिक में खेल चुकी है लेकिन श्रीकांत, सिंधू और मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी की पुरूष युगल जोड़ी के लिये यह पहला अनुभव होगा.

क्या ओलम्पिक में युगल मुकाबलों में भारत को दिक्कत हो सकती है?

इस पर जवाब देते हुए गोपीचंद ने कहा, “ओलंपिक में युगल मुकाबलों का कार्यक्रम काफी छोटा होता है, जिसमें 16 खिलाड़ी होते हैं.”

गोपीचंद ने कहा, “इसमें से दो-तीन महाद्वीप के खिलाड़ी होंगे ही, शीर्ष 13 खिलाड़ियों में आने का मतलब है कि अगर आप एक दौर में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आप पदक की दौड़ में होंगे. कोई भी दो खिलाड़ी यहां पहुंच सकते हैं. मैं इसे लेकर सकारात्मक हूं. मैंने ओलंपिक में उलटफेर होते देखे हैं. हमें अपनी तैयारी करनी चाहिए और सकारात्मक सोच के साथ जाना चाहिए और जो मौका मिले उसे भुनाना चाहिए.”

भारत के शीर्ष पुरुष खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत और दूसरे नंबर की महिला खिलाड़ी पीवी सिंधु का प्रदर्शन बीते कुछ समय से अच्छा नहीं रहा है, लेकिन कोच का मानना है कि यह दोनों ही खिलाड़ी ओलम्पिक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे.

गोपीचंद ने कहा, “ओलंपिक क्वालीफिकेशन के साथ यह साल काफी चुनौतीपूर्ण था. जो ब्रेक मिलता है उसमें इतना समय नहीं रहता है कि आप जाएं और तैयारी करें, फिट रहें और अपनी कमजोरियों पर काम करें, क्योंकि दवाब काफी रहता है. इससे समस्या बढ़ गई थी. लेकिन मई के बाद श्रीकांत ने एक टूर्नामेंट खेला और सेमीफाइनल तक पहुंचे. सिंधु भी काफी मेहनत कर रही हैं और ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करेंगी”.

ओलंपिक में भारत का सात सदस्यीय बैडमिंटन दल जा रहा है. उनके पदक जीतने के सवाल पर गोपीचंद ने कहा कि भारत के पदक जीतने की संभवाना है. कोच ने कहा, “मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि सभी खिलाड़ी कड़ा अभ्यास कर रहे हैं और उनके पदक जीतने की अच्छी संभावना है.”

First published: 21 July 2016, 8:27 IST
 
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