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रियो ओलंपिक: वेटलिफ्टर सतीश शिवलिंगम पदक की होड़ से बाहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 August 2016, 12:37 IST
(पीटीआई)

रियो ओलंपिक में भारतीय भारोत्तोलकों का अभियान खत्म हो गया. भोरोत्तोलक सतीश कुमार शिवलिंगम रियो ओलिंपिक के चौथे दिन पुरुषों के 77 किलोग्राम भारवर्ग के ग्रुप-बी मुकाबले में चौथे स्थान पर रहे.

राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक शिवलिंगम ने स्नैच में 148 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 181 किग्रा वजन उठाकर कुल 329 किग्रा वजन के साथ छह भारोत्तोलकों के बीच चौथा स्थान हासिल किया.

राष्ट्रमंडल खेल 2014 के स्वर्ण पदक विजेता शिवलिंगम ने पुरुष 77 किग्रा वर्ग में 336 किग्रा (149 और 187 किग्रा) के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है.

ग्रुप बी नीची रैंकिंग वाले प्रतिस्पर्धियों के लिए होता है, जिन्होंने कम वजन उठाकर प्रतियोगिता में प्रवेश किया है. इस वर्ग में चौथे स्थान पर रहने का मतलब है कि शिवलिंगम के पोडियम पर जगह बनाने की कोई संभावना नहीं है.

ग्रुप ए में अब ऊंची रैंकिंग वाले भारोत्तलकों के बीच मुकाबला होगा, जिन्होंने अधिक वजन उठाकर प्रतियोगिता में प्रवेश पाया है.

ग्रुप बी में कोलंबिया के काइसेडो आंद्रेस मारीसियो कुल 346 किग्रा (155 और 191 किग्रा) वजन उठाकर शीर्ष पर रहे. स्पेन के माटा आंद्रेस एडवडरे ने कुल 343 किग्रा (153 और 190) के साथ दूसरे, जबकि जर्मनी के निको म्यूलर ने 332 किग्रा (151 और 181 किग्रा) के साथ तीसरा स्थान हासिल किया.

इससे पहले एक अन्य भारतीय वेटलिफ्टर सेखोम मीराबाई चानू महिला 48 किग्रा स्पर्धा के क्लीन एवं जर्क में 104 किग्रा का अपना शुरुआती वजन भी उठाने में नाकाम रहीं और स्पर्धा खत्म नहीं कर पाईं.

दूसरी ओर भारत को जूडो स्पर्धा में भी निराशा हाथ लगी. जूडो में अवतार सिंह पदक की होड़ से बाहर हो गए. जूडो में पुरुषों के 90 किलोग्राम भार वर्ग के एलिमिनेशन राउंड ऑफ 32 में एकमात्र भारतीय दावेदार अवतार सिंह को हार का सामना करना पड़ा.

रिफ्यूजी टीम के जूड़ो खिलाड़ी पोपोले मेसिंगा ने योको मूव के जरिए अवतार को 2-1 से हराया. किसी भी खेल में रिफ्यूजी टीम की यह पहली जीत है.

First published: 11 August 2016, 12:37 IST
 
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