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वापस इथियोपिया नहीं लौटे रियो में सिल्वर जीतने वाले लिलेसा, जानिए क्यों?

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:20 IST
(रियो ओलंपिक)

रियो ओलंपिक में अपने देश की राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताने वाले ओलंपिक रजत पदक विजेता मैराथन धावक फियेसा लिलेसा सजा के डर से अभी तक अपने देश इथियोपिया नहीं लौटे हैं. लिलेसा ने अपने देश में राजनीतिक दबाव का रियो ओलंपिक के दौरान विरोध किया था.

लिलेसा को हालांकि उनके देश की ओर से किसी तरह की सजा नहीं दिए जाने का आश्वासन  दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे इथियोपिया की ओलंपिक टीम के साथ वापसी की फ्लाइट में नहीं गए.

इथियोपिया की टीम सोमवार को स्वदेश लौटी है, लेकिन उस दौरान लिलेसा मौजूद नहीं थे. उन्होंने  मैराथन में रजत पदक जीता था. इथोपिया ने कुल 8 पदक रियो में जीते हैं.

इथोपियाई खेल  अधिकारियों ने भी सभी पदक विजेताओं को बधाई दी थी, लेकिन उनमें लिलेसा का नाम नहीं लिया और साथ ही खिलाड़ी के बारे में किसी सवाल का जवाब देने से भी इनकार कर दिया. इसके बाद माना जा रहा था कि स्वदेश लौटने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती  है.

रेस खत्म होने पर हाथ बांधकर विरोध

गौरतलब है कि रियो खेलों के आखिरी दिन पुरुषों की मैराथन में लिलेसा ने फिनिश लाइन पार  करते समय हाथों को बांधकर अपने देश में हो रहे राजनीतिक दबाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन  किया था.

वे केन्या के एलियुड किपचोगे के बाद दूसरे नंबर पर रहे थ. इसके बाद पदक  वितरण समारोह में भी लिलेसा ने ऐसे ही हाथ बांधकर विरोध किया था और पत्रकारों से भी कहा था कि उन्हें अपने देश वापस जाने में डर लगने लगा है.

अपने देश में सजा का डर

ऐसा माना जा रहा है कि 26 वर्षीय लिलेसा को उनके इस व्यवहार के लिए सजा मिल  सकती है, वहीं ऐसी भी खबरें आई थीं कि लिलेसा ने अमेरिका से राजनीतिक शरण की मांग  की थी.

इस बीच लिलेसा के एजेंट ने कहा है कि धावक को अपने देश लौटने में डर महसूस हो  रहा है और वे अभी वापस नहीं लौटना चाहते हैं.

First published: 25 August 2016, 2:48 IST
 
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