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रियो ओलंपिक: चार साल बाद पेस के सामने फिर वहीं मुश्किलें

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2016, 23:24 IST
(फाइल फोटो)

रियो ओलंपिक में टेनिस में मेन्स डबल्स मुकाबलों के लिए भारत से कौन जाएगा इसे लेकर विवाद गहराता जा रहा है. ओलंपिक में सीधी एंट्री पाने वाले भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने भारतीय टेनिस संघ को खत लिखकर लिएंडर पेस के साथ न खेलने की इच्छा जाहिर की है.

बोपन्ना फिलहाल डबल्स रैंकिंग में 10वें पायदान पर हैं. उनके बाद पेस ही रैंकिंग के लिहाज से भारत की तरफ से दूसरे सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं. पेस रैंकिंग में 46वें पायदान पर हैं. लेकिन बोपन्ना ने पेस की जगह साकेत मैननी का नाम सुझाया है, जिनकी रैंकिंग 125 है.

बेहतरीन फॉर्म में हैं पेस

एक हफ्ते बाद 43 साल के होने वाले पेस ने कुछ दिनों पहले ही फ्रेंच ओपन का खिताब जीतकर अपने नाम 18वां ग्रैंड स्लैम कर लिया. पेस सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि वो रियो जाकर लगातार 7वां ओलंपिक खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं.

पेस ने मेन्स डबल्स में आठ खिताब जीते हैं, जबकि मिक्स्ड डबल्स में दस. इसके अलावा अटलांटा ओलंपिक (1996) में वे सिंगल्स में कांस्य पदक विजेता रह चुके हैं. टेनिस में ओलंपिक पदक जीतने वाले पेस एक मात्र भारतीय खिलाड़ी है.

इसके बावजूद पेस के साथ चार पहले वाली घटना दोहराने की आशंका गहरा गई है. उस समय भी शीर्ष खिलाड़ियों ने पेस के साथ खेलने से मना कर दिया था.

मिक्स्ड डबल्स में सानिया मिर्जा को सीधे एंट्री मिली हैं. ऑल इंडिया टेनिस असोसिएशन (एआईटीए) शनिवार को बोपन्ना और सानिया मिर्जा के जोड़ीदार चुनने पर फैसला लेगा.

बोपन्ना के साथ खेलना चाहते हैं पेस

दो दिनों पहले ही पेस ने कहा था कि निश्चित तौर पर हम नहीं चाहते कि लंदन की घटना दोहराई जाए. उन्होंने कहा कि बोपन्ना के साथ उनकी जोड़ी भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध विकल्प है. उन्होंने कहा, 'हम काफी शीर्ष स्तर पर खेल रहे हैं. मेरा करियर इसका गवाह है और रोहन पिछले 18 महीने से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. हम दोनों तैयार हैं और बिना किसी शक के मेरी और रोहन की टीम सर्वश्रेष्ठ है.'

भूपति और बोपन्ना ने पेस के साथ खेलने से मना किया

महेश भूपति और लिएंडर पेस की प्रतिस्पर्धा जगजाहिर है. दोनों ने मिलकर 3 बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीता है. लेकिन मतभेद के बाद 2002 में दोनों ने अलग गए. जब एआईटीए ने लंदन ओलंपिक (2012) में महेश भूपति को पेस के साथ जोड़ी बनाने के लिए कहा तो भूपति ने जोड़ी बनाने से इंकार दिया. भूपति ने तो पेस के साथ जबरन जोड़ी बनाए जाने की स्थिति में लंदन ओलंपिक में भाग लेने से भी मना कर दिया था.

भूपति की राह पर चलते हुए रोहन बोपन्ना ने भी पेस के साथ जोड़ी बनाने से इनकार कर दिया. इसके बाद एआईटीए ने लंदन ओलंपिक के लिए मेन्स डबल्स की दो टीमों को भेजने का फैसला किया. पेस को काफी जूनियर खिलाड़ी विष्णुवर्धन के साथ जोड़ी बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा.

पेस को शांत करने के लिए मेरा इस्तेमाल किया गया

लंदन ओलंपिक में एआईटीए ने मिक्स्ड डबल्स में सानिया मिर्जा के साथ लिएंडर पेस की जोड़ी बनाई थी. सानिया एआईटीए के फैसले से नाखुश थीं. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था, 'भारतीय टेनिस के एक असंतुष्ट कद्दावर खिलाड़ी को शांत करने के लिए जिस अपमानजनक तरीके से मेरा चारे की तरह इस्तेमाल किया गया, उससे मुझे निराशा हुई.'

तीनों जोड़ियों को मिली हार

उस समय विवादों के बीच तीनों जोड़ियों को हार का सामना करना पड़ा. महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी और पेस और विष्णुवर्धन की जोड़ी को मेन्स डबल्स के दूसरे दौर में हार मिली. जबकि मिक्स्ड डबल्स में सानिया मिर्जा और लिएंडर पेस की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में हार गई.

First published: 10 June 2016, 23:24 IST
 
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