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रियो ओलंपिक: बड़े मौके पर सिंधू का बड़ा खेल, रजत पदक पक्का

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST

रियो ओलंपिक में गुरुवार को भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने इतिहास रचते हुए सेमीफाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-19, 21-10 से हराया. फाइनल में पहुंचने वाली सिंधू का रजत पदक पक्का हो गया है और फाइनल में सोने के तमगे के लिए वह स्पेन की कैरोलिना मारिन से भिड़ेंगी.

सिंधू ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. इससे पहले सायना ने लंदन ओलंपिक सेमीफाइनल में प्रवेश किया था. हालांकि, सायना सेमीफाइनल मैच जीत नहीं पाई और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.

इसके अलावा 21 वर्षीय सिंधू रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला और दूसरी भारतीय खिलाड़ी हैं. सिंधू के अलावा सिर्फ पहलवान सुशील कुमार ने लंदन ओलंपिक 2012 में रजत पदक जीता है. सेमीफाइनल जीतने के बाद सिंधू ने कहा है कि उनकी लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है.

रियो ओलंपिक में सिंधू ने भारत को दूसरा पदक दिलाया है. भारत के लिए व्यक्तिगत स्पर्धा में सिर्फ निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में स्वर्ण पदक जीता है. अगर सिंधू फाइनल अपने नाम करती हैं तो वे भारत को व्यक्तिगत स्पर्धा में दूसरा स्वर्ण दिलाएंगी.  

मारिन से बराबरी का मुकाबला

विश्व की नंबर एक खिलाड़ी कैरोलिना मारिन को सिंधू तीन बार हरा चुकी हैं. हालांकि, दोनों के बीच हुए 7 अंतरराष्ट्रीय मैचों में मारिन 4-3 से आगे हैं.

सिंधु ने साल 2015 के डेनमार्क ओपन में मारिन को 72 मिनट तक चले मुकाबले में 21-15, 18-21, 21-17 से हराया था. इस जीत के अगले महीने ही कैरोलिना ने सिंधु को हांगकांग ओपन के पहले दौर में शिकस्त दी थी.

चार मैच सीधे सेटों में जीती सिंधू

सिंधू ने फाइनल तक का सफर पूरा करने में पांच मैच खेले हैं. पांच मैच में उन्होंने चार मैचों में सीधे सेटों में जीत हासिल की हैं. यह उनके आक्रामक खेल को दिखाता है.

सिंधू ने इससे पहले क्वार्टर फाइनल में चीन की वांग यिहान को बेहद कडे मुकाबले में 22-20, 21-19 से मात दी थी प्री क्वार्टर फाइनल में सिंधू ने चीनी ताइपे की ताई जू यिंग को आसानी से 21-13, 21-15 से हराया.

रियो में पीवी सिंधू ने शुरूआती मैच में हंगरी की लौरा सारोसी को 21-8, 21-9 से मात दी थी. इसके बाद पीवी सिंधू ने कनाडा की मिशैल ली को कड़े संघर्ष के बाद 19-21, 21-15, 21-17 से हराया था. इस ओलंपिक में मिशैल ली ही सिर्फ सिंधू को सेट हरानेे में सफल रही हैं.

चांदी के बाद सोने की तैयारी

सेमीफाइनल में जीत के बाद उत्साहित सिंधू ने स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि वो पिछले सारे मैचों में अच्छा खेलती आ रही हैं और फाइनल में भी वो पूरा ज़ोर लगा कर खेलेंगी.

सिंधू ने कहा, ''सेमीफाइनल में ओकूहारा ने भी अच्छा खेल खेला. दोनों ही फाइनल में जाना चाहते थे. फाइनल में कैरोलीना से मुकाबला है. मैंने पिछले मैच अच्छे खेले हैं. गोल्ड के लिए पूरा ज़ोर लगा दूंगी.'' उन्होंने सेमीफ़ाइनल मैच में जापान की नोज़ोमी ओकूहारा को दिलचस्प मुक़ाबले में दो सीधे सेटों में 2-0 से मात दी.

अब फ़ाइनल में शुक्रवार को उनका मुकाबवा स्पेन की कैरोलिना मॉरिन से होगा. यह मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 से शुरू होगा.

पीवी सिंधु का यह पहला ओलंपिक है. और वो अपने पहले ही ओलंपिक में पदक जीतने में कामयाब रही हैं. क्वार्टर फाइनल में सिंधू ने चीन ताइपे की ताई ज़ू यिंग को हराया था. रियो में सिंधु ने बेहतरीन डिफेंस और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया है.

सिंधू का सफर

शुक्रवार को रियो में नंबर एक रैंकिंग वाली स्पेन की कैरोलिना मारिन के खिलाफ जब सिंधू फाइनल खेलेंगी तब सवा अरब भारतीयों की सोने की आस में उनपर टिकी होंगी.

पांच जुलाई, 1995 को वर्तमान तेलंगाना में जन्मी लंबे कद वाली पीवी सिंधू तब सुर्खियों में आई जब उन्होंने साल 2013 में ग्वांग्झू चीन में आयोजित विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता. पीवी सिंधू के पिता पीवी रमन्ना और मां पी विजया भी वॉलीबाल खिलाड़ी रह चुके है. शायद यही कुछ सिंधू को भी खेलों में खींच लाया.

सिंधू को बैडमिंटन के गुर देश के एक बड़े बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुके पूर्व आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियन पुलेला गोपीचंद ने सिखाए. पुलेला हैदराबाद में अपनी बैडमिंटन अकादमी चलाते हैं.

विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली सिंधू भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनी. इसके बाद सिंधू ने इसी कामयाबी को अगले ही साल 2014 में कोपेनहागेन में भी दोहरा दिया.

उन्होंने लगातार दूसरे साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा.

साल 2013 में ही उन्होंने मलेशिया ओपन और मकाऊ ओपन का खिताब जीता. मकाऊ ओपन के फाइनल में उन्होंने कनाडा की मिशैल ली को 21-15, 21-12 से हराया. सिंधू के खाते में अभी तक छह बड़े खिताब आ चुके हैं.

First published: 18 August 2016, 9:38 IST
 
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