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लोढ़ा समिति की सिफारिशें जल्द लागू करे बीसीसीआई: सुप्रीम कोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2016, 17:53 IST

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने बीसीसीआई को जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू करने का आदेश दिया है.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर बीसीसीआई को इस संबंध में कोई दिक्कत है, तो अदालत को बताए. कोर्ट ने बीसीसीआई को इस संबंध में 4 हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है.

पिछले साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को नए सिरे से खड़ा करने के लिए जस्टिस आरएम लोढा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था.

लोढा समिति ने चार जनवरी, 2016 को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी. समिति ने अपनी रिपोर्ट में मंत्रियों और सरकारी अफसरों को बीसीसीआई से बाहर रखने का सुझाव दिया.

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इसके अलावा समिति ने सिफारिश की थी कि एक राज्य को एक ही वोट का अधिकार हो. महाराष्ट्र जैसे राज्य जहां तीन रणजी टीमें हैं. वहां एक ही वोट का हक होगा जो बीसीसीआई तय करेगा. वैसे ही गुजरात की भी तीन टीमें हैं.

समिति की रिपोर्ट में बीसीसीआई के प्रशासनिक ढांचे के पुनर्गठन का सुझाव भी दिया है और सीईओ के पद का प्रस्ताव रखा है जो नौ सदस्यीय शीर्ष परिषद के प्रति जवाबदेह रहेगा.

समिति के अनुसार बीसीसीआई के पदाधिकारियों की उम्र 70 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा पदाधिकारी मंत्री या सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए.

समिति ने कहा कि अंदरूनी टकरावों से निपटने के लिए बोर्ड का लोकपाल भी होना चाहिए. बोर्ड ने पिछले साल नवंबर में एपी शाह की नियुक्ति करके यह सुझाव पहले ही मान लिया है.

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समिति ने निर्वाचन अधिकारी का पद सृजित करने का भी प्रस्ताव रखा है जो पदाधिकारियों के चुनावों से जुड़ी पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को देखेगा.

पैनल ने कहा कि खिलाड़ियों का संघ भी होना चाहिए जिससे बोर्ड के कामकाज में खिलाड़ी भी अपनी बात रख सकें.खिलाड़ियों के संघ का गठन एक संचालन समिति करेगी जिसकी अगुवाई पूर्व गृह सचिव जी के पिल्लै करेंगे.

बोर्ड अध्यक्ष तीन साल के दो कार्यकाल में रह सकता है कि लेकिन अन्य पदाधिकारी तीन कार्यकाल तक रह सकते हैं.

First published: 4 February 2016, 17:53 IST
 
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