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सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से पूछा, क्या बोर्ड अध्यक्ष अनुराग ठाकुर क्रिकेटर हैं?

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 October 2016, 14:30 IST
(पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई और लोढ़ा समिति के बीच अधिकारों और सुझाव की जंग में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बीसीसीआई से कड़े सवाल पूछा है. कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर क्रिकेटर हैं?

इसके साथ ही कोर्ट ने एमाइकस क्यूरी गोपाल सुब्रह्मण्यम से भी पूछा कि बोर्ड के शीर्ष पांच पदाधिकारी में से कितने क्रिकेटर हैं?

इसके अलावा कोर्ट ने गोपाल सुब्रमण्यम को बोर्ड के लिए नया प्रशासक ढूढ़ने को भी कहा. ऐसा माना जा रहा है कि कोर्ट के इस आदेश के बाद अनुराग ठाकुर पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है.

कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई को केवल मौखिक ही नहीं बल्कि कार्यप्रणाली से भी हमारा सम्मान करना चाहिए. कोर्ट ने साफ तौर पर कह कि बीसीसीआई को किसी भी बड़े वित्तीय भुगतान से पहले इजाज़त लेनी ही होगी.

कोर्ट ने कहा कि राज्य संघों को पैसे देने में बीसीसीआई को पारदर्शिता रखनी चाहिए और इसके लिए एक पॉलिसी होनी चाहिए.

कोर्ट ने बोर्ड से कड़े लहजे में पूछा कि आप एक रात में सीधे 400 करोड़ का फंड ट्रांसफर कैसे कर सकते हैं. कोर्ट ने बीसीसीआई को फंड ट्रांसफर के लिए लोढ़ा समिति की इजाजत लेने का भी आदेश दिया है.

मामले की सुनवाई कोर्ट में अब भी जारी है.

कोर्ट का रुख बेरुखा

बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू न करना महंगा पड़ता दिख रहा है. मामले में एमाइकस क्यूरी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वे इस मामले में बीसीसीआई के प्रशासनिक प्रमुखों को हटाएं. एमाइकस क्यूरी की इस सलाह के बाद अनुराग ठाकुर पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है.

सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई के दौरान BCCI ने लोढ़ा कमेटी के आरोपों से इनकार किया है. इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में लोढ़ा कमेटी के आरोपों के खिलाफ अपना जवाब दाखिल किया था. बीसीसीआई ने कमेटी के आरोपों से इनकार किया. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान. बीसीसीआई ने लोढ़ा पैनल की सिफारिशें नजरअंदाज करने से भी इनकार किया.

बीसीसीआई ने कहा कि सभी सदस्यों की एक बैठक में लोढ़ा कमेटी की कई सिफारिशों को वोटिंग के जरिए नामंजूर कर दिया गया. बीते कुछ दिनों से जारी तनातनी के बीच सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को जस्टिस आरएम लोढ़ा पैनल और बीसीसीआई आमने-सामने हैं. कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्रिकेट प्रशासन के भविष्य का फैसला होगा.

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक लोढ़ा पैनल की कुछ सिफ़ारिशें बीसीसीआई मानने के लिए तैयार नहीं है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट बीसीसीआई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है.

बीसीसीआई का पक्ष कपिल सिब्बल रख रहे थे. बोर्ड की दलील है कि लोढ़ा समिति ने हद पार कर दी है. समिति द्वारा सुझाए गए सुधार भारतीय क्रिकेट को खात्मे और बीसीसीआई को खत्म करने वाले हैं. जबकि लोढ़ा समिति बदले में बोर्ड पर उनके सुझाव न मानने को लेकर नाराज है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने लोढ़ा कमेटी की स्टेटस रिपोर्ट पर बीसीआई जवाब दाखिल करेगा.

First published: 6 October 2016, 14:30 IST
 
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