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ओलंपिक दावेदारी विवाद पर सुशील कुमार का पीएम मोदी को पत्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

74 किलो भार वर्ग में रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. ओलंपिक में इस भार वर्ग में सुशील या नरसिंह में से कौन सा पहलवान रियो जाएगा इसका अंतिम फैसला अभी तक नहीं हो पाया है.

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और देश को कोटा दिलाने वाले नरसिंह यादव के बीच 74 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में ट्रायल कराने या न कराने के विवाद में अब सुशील ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है.

ट्रायल कराने की मांग


सुशील ने नरसिंह के साथ ट्रायल कराने को लेकर प्रधानमंत्री, केन्द्रीय खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को पत्र लिखा है.

सुशील ने अपने पत्र में गुहार की है कि उनका नरसिंह यादव के साथ ट्रायल कराया जाए और उन दोनों में से जो पहलवान बेहतर हो, वो ओलंपिक जाए.

इससे पहले सितंबर, 2015 में लास वेगास में हुए वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर नरसिंह यादव रियो ओलंपिक का टिकट पहले ही कटा चुके है.

इस मामले में डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा,"यह मामला अभी सुलझने वाला नहीं है और मुझे लगता है कि यह प्रधानमंत्री तक जा सकता है. आगे जैसी परिस्थिति आती है और मुझे जो अधिकार प्राप्त हैं, उसे देखकर हम देशहित में ही कोई फैसला करेंगे."

हालांकि डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष ने गुरुवार को साफ कहा था कि जिस पहलवान ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है, वही ओलंपिक में जाएगा.

इस बीच सुशील के गुरु सतपाल ने कहा, "हमारी सिर्फ  इतनी सी मांग है कि दोनों पहलवानों के बीच ट्रायल होना चाहिए और जो बेहतर हो उसे ओलंपिक में हिस्सा लेना चाहिए. ट्रायल कराने में कहीं कोई बुराई नहीं है."

सतपाल ने कहा कि जो पहलवान ट्रायल जीतकर ओलंपिक में जाएगा वो अच्छा प्रदर्शन कर सकेगा. हम इस मामले में हर स्तर तक जाएंगे और ट्रायल कराने की मांग करेंगे.

प्रशंसकों से समर्थन की अपील


दिग्गज भारतीय पहलवान सुशील कुमार ने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों से भी उनका सहयोग और समर्थन करने की अपील की है.

सुशील ने ट्वीट करके लिखा है कि मेरे दोनों ओलंपिक मेडल को भूल जाइये, मेरी वर्ल्ड चैंपियन बेल्ट सहित अन्य खिताब को भूल जाइये. मैं सिर्फ एक चीज की मांग कर रहा हूं वह है एक ट्रायल की, जो भी बेहतर हो वह ओलंपिक के लिए जाए.

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इसके अलावा सुशील कुमार ने 1996 में काका पवार और पप्पू यादव के बीच ट्रायल का उदाहरण देते हुए कहा है कि उस वक्त परंपरा कहां गयी थी, जो आज मुझे परंपरा की दुहाई दी जा रही है.

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सुशील ने फेसबुक और ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह अपने प्रशंसकों से अपील कर रहे हैं. 32 वर्षीय पहलवान सुशील ने वीडियो में कहा, "मैं पिछले काफी समय से कड़ा अभ्यास कर रहा हूं और रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आपका सहयोग चाहता हूं."

First published: 14 May 2016, 12:39 IST
 
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