Home » खेल » What it costs India to win Olympic medal
 

ओलंपिक में खिलाड़ियों की संख्या तो बढ़ी लेकिन बजट घट गया

शौर्ज्य भौमिक | Updated on: 9 August 2016, 11:10 IST

पांच बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता राज्यसभा सांसद एमसी मैरीकॉम ने मंगलवार को ओलंपिक खेलों के लिए बजट बढ़ाए जाने की आवश्यकता जताई और ओलंपिक खिलाड़ियों के समक्ष आने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि सिर्फ मैच के वक्त ही खिलाड़ियों को सही डाइट मिलती है, अभ्यास सत्र के दौरान भी उन्हें सही तरीके से डाइट मिलनी चाहिए.

मैरीकॉम की टिप्पणी पर खेल मंत्री विजय गोयल ने सफाई देते हुए कहा कि रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे सभी 120 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर 30 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक खर्च किए गए हैं. आपको बता दें कि इस बार ओलंपिक में भारत का अब तक सबसे बड़ा दल हिस्सा ले रहा है.

दूसरी ओर सच्चाई यह है कि ओलंपिक इतिहास में भारत केवल 26 मेडल जीतने में सफल रहा है. बीजिंग ओलंपिक 2008 में भारत ने एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था. एसोसिएट प्रेस के सर्वे के अनुसार भारत इस साल दो स्वर्ण पदक जीत सकता है.

भारतीय खिलाड़ियों द्वारा इस तरह के निराशाजनक प्रदर्शन का क्या कारण हो सकता है? क्या खिलाड़ियों को खेल संघों का समर्थन नहीं मिल रहा?

यहां कुछ तथ्य और दृष्टिकोण पेश है:

482

करोड़ रुपये

  • खेल मंत्रालय द्वारा 2012 से दिसंबर 2015 के बीच भारतीय खेल संघों को दिए गए हैं.
  • यह पैसा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए दिया गया. इस पैसे का ज्यादातर उपयोग नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड (एनएसडीएफ) के तहत चलने वाले टार्गेट ओलंपिक पोडियम (टीओपी) के लिए किया गया.
  • टीओपी स्कीम के तहत अप्रैल 2015 में 75 खिलाड़ियों को सहायता देने की निर्णय लिया है. टीओपी की चेयरमैन अनुराग ठाकुर हैं और राहुल द्रविड़, अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और मैरीकॉम जैसे दिग्गज खिलाड़ी इसके सदस्य हैं. मई, 2015 तक सिर्फ 36 खिलाड़ियों को विश्व स्तर के संस्थानों में प्रशिक्षण लेने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई.
  • वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पीएसयू इंडिया इंफ्रास्ट्रचकर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ने 2015-2016 में 10 करोड़ रुपये की सहायता की है.

67

  • खेल संघों को इस दौरान को केंद्र सरकार की ओर राशि मिली.
  • स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सबसे ज्यादा 146 करोड़ रुपये मिले. नेशनल राइफल एसोसिएशन को 43 करोड़ जबकि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया को 32 करोड़ रुपये मिले.
  • खेल संघों के अलावा 266 करोड़ रुपये विदेशी कोचों की सैलरी और नेशनल कोचिंग कैम्प में खर्च हुए.

22

करोड़ रुपये

  • नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड (एनएसडीएफ) ने 2012 से दिसंबर 2015 के बीच जरूरतमंद खिलाड़ियों को दिए.
  • एनएसडीएफ का गठन 1988 में किया गया था. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों का समर्थन करना और खिलाड़ियों को देश के बाहर भी उच्च प्रशिक्षण दिलाना है.
  • 109 खिलाड़ियों को फंड दिया गया है. इनमें से 25 खिलाड़ियों को 2015-16 के दौरान पैसा नहीं मिला जबकि 60 खिलाड़ियों को पहली बार सहायता मिली है.

3

करोड़ रुपये

  • निशानेबाज मानवजीत सिंह संधू को सहायता के रूप में मिली है. संधू पिछले चार सालों में सबसे ज्यादा सहायता राशि पाने वाले खिलाड़ी हैं. वह ट्रैप शूटिंग में विश्व के नंबर वन निशानेबाज रह चुके हैं.  
  • उनके अलावा अभिनव बिंद्रा को 2.3 करोड़ रुपये और रंजन सोढ़ी को 2.1 करोड़ रुपये मिले हैं. बिंद्रा बीजिंग ओलंपिक 2008 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और सोढ़ी वर्तमान में इंटरनेशनल शूटिंग खेल फेडरेशन की रैंकिंग में नंबर वन हैं.
  • 2015-16 में बिंद्रा को सबसे ज्यादा 96 लाख रुपये मिले हैं. उनके अलावा निशानेबाज हिना संधू को 62 लाख, विकास गौड़ा को 57 लाख और मानवजीत सिंह संधू को 53 लाख रुपये मिले हैं.

122

करोड़ रुपये

  • 2015-16 में एनएसडीएफ, खिलाड़ियों, विदेशी कोचों और नेशनल कोचिंग कैम्प में खर्च हुए हैं.
  • इसमें 8 करोड़ रुपये खिलाड़ियों को दिए गए हैं. वहीं 57 करोड़ रुपये एनएसडीएफ को मिला जबकि 56 करोड़ रुपये नेशनल कैम्प को आयोजित करने और विदेशी कोचों की सैलरी पर खर्च हुआ.
  • लंदन ओलंपिक 2012 के दौरान भारत ने 142 करोड़ रुपये करके छह मेडल जीता था. इस बार हमने 20 करोड़ रुपये कम खर्च किए हैं जबकि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा है.
  • 2012 में वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में अभिनव बिंद्रा ने कहा था, "भारत में खेलों के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. मुझे विश्वास है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. लेकिन प्रतिभाओं को कम उम्र से ही विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और कोचिंग देने का प्रावधान होना चाहिए.”  मंगलवार को मैरीकॉम ने भी खेलों का बजट बढ़ाए जाने की मांग की है.

First published: 9 August 2016, 11:10 IST
 
शौर्ज्य भौमिक @sourjyabhowmick

संवाददाता, कैच न्यूज़, डेटा माइनिंग से प्यार. हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडियास्पेंड में काम कर चुके हैं.

पिछली कहानी
अगली कहानी