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जब धोनी ने चलाई थी बस, टीम इंडिया के खिलाड़ियों को स्टेडियम से पहुंचाया था होटल

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 August 2020, 22:01 IST

महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) हमेशा से हम किसी को मंत्रमुग्ध और आश्चर्यचकित करने के लिए जाने जाते हैं. बात चाहे 2007 में टी20 विश्व कप (ICC T20 World Cup 2007) फाइनल का आखिरी ओवर जोगिंदर शर्मा को सौंपने का फैसला हो, या फिर चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के फाइनल में ईशांत शर्मा को गेंद सौंपने का फैसला हो, वो भी ऐसे समय में जब वो दिन उनका नहीं था, उनके फैसलों ने भारत को कई बार असंभव समय में भी जीत दिलाई है. इस छोटे से शहर के लड़के ने अपनी बुद्धिमानी से सबको चकित कर दिया, फिर वो चाहे मैदान पर हो या फिर मैदान के बाहर.

पूर्व भारतीय कप्तान को अक्सर एक ऐसे आइकन के रूप में देखा जा सकता है, जो एक छोटे से शहर से विश्व क्रिकेट के महानतम कप्तानों में से एक बन गया. इस दौरान वो जमीन से जुड़े रहे और सफलता को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. वहीं उनके संन्यास के बाद वीवीएस लक्ष्मण ने एक ऐसी घटनाओं में से एक को साझा किया जब पहली बार टेस्ट टीम का पूर्णकालिक कप्तान बनने पर विकेटकीपर-बल्लेबाज ने सभी को चौंकते हुए मैदान से होटल तक खुद बस चलाकर टीम को पहुंचाया था.


भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड पर बात करते हुए कहा है कि जब धोनी ने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था, उसके बाद वो ड्रेसिंग रूम में आए थे और उन्होंने मजाक में कहा था कि वे टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने जा रहे हैं.

वीवीएस ने बताया,"मुझे आज भी याद है कि जह वह अपना पहला टेस्ट शतक 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में लगाकर ड्रेसिंग रूम में लौटे और जोर से कहा मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने जा रहा हूं. एमएस धोनी ने कहा था- मैं हंड्रेड मारा टेस्ट क्रिकेट में, बस यार. मैं टेस्ट क्रिकेट से ज्यादा कुछ नहीं चाहता! हम यह सुनकर काफी हैरान रह गए, लेकिन एमएस धोनी हमेशा से ऐसे थे."

पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने बताया,"वह भारतीय टीम के कप्तान थे, क्योंकि अनिल कुंबले ने दिल्ली टेस्ट मैच में दो मैच पहले ही 2008 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था और एमएस धोनी ने मैच के बाद ड्राइवर से पीछे बैठने के लिए बोला और कहा वे होटल तक बस चलाकर ले जाएंगे. हम सभी हैरान थे, लेकिन भारतीय टीम के कप्तान ने बस चलाई और हमें होटल पहुंचाया. इस तरह वह अपने जीवन का आनंद लेते थे. एक क्रिकेटर के तौर पर वह क्रिकेट के मैदान पर रहते थे, लेकिन मैदान के बाहर वह सामान्य से इंसान थे."

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First published: 18 August 2020, 21:49 IST
 
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