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दो से ज़्यादा बच्चे होने पर गंवाएंगे सरकारी नौकरी और चुनाव लड़ने का अधिकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 April 2017, 13:32 IST
(FILE)

असम की बीजेपी सरकार ने राज्य में नई जनसंख्या नीति का मसौदा तैयार किया है. इसकी घोषणा रविवार को राज्य सरकार ने की. नई जनसंख्या नीति लागू होने के बाद दो से ज्यादा बच्चे होने पर कई अधिकारों से वंचित होना पड़ सकता है.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने गुवाहाटी में कहा, "यह जनसंख्या नीति का मसौदा है. हमने सुझाव दिया है कि दो से ज्यादा बच्चों वाले लोग सरकारी नौकरी के लिए योग्य नहीं रह जाएंगे."

राज्य की नई जनसंख्या नीति में शामिल इस मसौदे के अनुसार दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले लोगों के पंचायती या नगर निकाय चुनावों में भाग लेने पर भी रोक लगाने की बात शामिल है.

स्वास्थ्य मंत्री हिमंत विश्व शर्मा के मुताबिक कई अन्य योजनाएं जैसे ट्रैक्टर देने, रहने के लिए आवास उपलब्ध कराने और अन्य लाभ वाली सरकारी योजनाओं के लिए भी यह नीति लागू होगी.

हेमंत बिस्व सरमा जो राज्य के शिक्षा मंत्री भी हैं ने बताया कि इस नई जनसंख्या नीति के मसौदे के अनुसार राज्य की सभी लड़कियों को यूनिवर्सिटी स्तर तक की शिक्षा मुफ्त में दिए जाने का प्रस्ताव है. इस नीति का मकसद लड़कियों को यूनिवर्सिटी तक की शिक्षा पूरी तरह से निशुल्क मुहैया कराने की है.

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार फीस, ट्रांसपोर्टेशन, किताबें और हॉस्टल में खाने आदि की सभी सुविधाएं निशुल्क देना चाहती है. इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी दूर हो सकती है."

दरअसल बीजेपी के कई नेता दो से अधिक बच्चों पर बैन की मांग करते रहे हैं. इसमें सांसद गिरिराज सिंह, साक्षी महाराज जैसे नेता प्रमुख हैं. नजमा हेपतुल्ला जो इस समय मणिपुर की राज्यपाल हैं, वो 2003 में एनडीए शासन के दौरान एक संविधान संशोधन विधेयक लाने को तैयार थीं, जिसके तहत दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को संसद या विधानमंडल चुनाव लड़ने या सदस्य होने पर बैन की बात थी.

First published: 10 April 2017, 13:32 IST
 
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