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बंगाल भाजपा ने ऑडिट रिपोर्ट नहीं दी, ममता हमले के मूड में

सुलग्ना सेनगुप्ता | Updated on: 21 December 2016, 8:14 IST
(मलिक/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि बंगाल भाजपा ने दो बार नोटिस देने के बावजूद चुनाव आयोग को ऑडिट रिपोर्ट नहीं सौंपी है. वह इस सिलसिले में चुनाव आयोग से मिलेगी.
  • वहीं बंगाल भाजपा ने कहा है कि उन्होंने ऑडिट रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी है और वहीं से रिपोर्ट चुनाव आयोग को दी जाएगी.

बंगाल भाजपा को चुनाव आयोग को मार्च 2016 की ऑडिट रिपोर्ट भेजनी थी, पर उसने नहीं भेजी. इस संबंध में तृणमूल कांग्रेस चुनाव आयोग से मिलेगी. इसके पीछे उसका मकसद नोटबंदी को लेकर नरेंद्र मोदी की सरकार को घेरना है. सूत्रों का कहना है कि दो बार नोटिस देने के बाद भी पंजाब भाजपा ने चुनाव आयोग में अब तक मार्च 2016 की ऑडिट रिपोर्ट नहीं भेजी. 

बंगाल भाजपा के प्रमुख दिलीप घोष ने कहा कि उन्होंने केंद्र में पार्टी के पास अपनी रिपोर्ट भेज दी है और ‘वे चुनाव आयोग को देंगे.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमने अब तक हमने कोई भी ऑडिट रिपोर्ट रोकने की कोशिश नहीं की है. ’

तृणमूल कोर समिति ने हाल में इस पर चर्चा की, जिसके बाद पार्टी सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सांसदों और विधायकों को निर्देश दिए कि वे इस मुद्दे को नोटबंदी का विरोध करने के लिए इस्तमाल करें. 

तृणमूल के सूत्रों के मुताबिक विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में इस मुद्दे को उठाने को कहा है, और सांसदों को विपक्ष के अन्य नेताओं के साथ मिलकर नोटबंदी के खिलाफ आवाज उठाने को कहा है.

विपक्ष की पार्टियां नोटबंदी के मुद्दे पर बंटी हुई हैं, इसलिए सूत्रों का कहना है कि तृणमूल का ‘मुख्य मकसद नोटबंदी के खिलाफ लड़ाई के लिए सबको एक करना है, ताकि भाजपा विपक्ष की पार्टियों में मतभेद पैदा नहीं कर सके.’ साथ ही पार्टी आमजन को नोटबंदी से हुई दुश्वारियों को बताने के लिए पूरे बंगाल में जनसभाएं रखेगी. 

संसदीय मामलों के राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘हम नोटबंदी का विरोध जारी रखेंगे क्योंकि आमजन, खासकर किसान और चाय बागान के कामगारों पर इसका बुरा असर पड़ा है.’ भ्रामक और गलतफहमी पैदा करने वाले बयान, खासकर राजनीतिक पार्टियों को कर की जांच में छूट देने के संबंध में, ममता ने मोदी सरकार के खिलाफ ट्वीट किया था. इसी ट्वीट को आधार बना कर अब तृणमूल नेता आमजन से इस ताजे आघात पर बात कर रहे हैं. 

First published: 21 December 2016, 8:14 IST
 
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