Home » राज्य » delhi-Tamil Nadu farmers protesting at Jantar Mantar over drought, say "will drink urine today".
 

जंतर-मंतर पर बैठे तमिलनाडु के किसानों का एलान, पेशाब पीकर जताएंगे विरोध

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 April 2017, 12:20 IST

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अन्नदाता किसान एक महीने से अनशन पर हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. दिल्ली की जलती गर्मी में ये किसान एक महीने से डटे हुए हैं. पिछले एक महीने से प्रदर्शन कर रहे तमिलनाडु के किसानों ने आज पेशाब पीकर विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है .

तमिलनाडु से दिल्ली आए इन किसानों की मांग है कि उन्हें सूखे से बचाने के लिए मोदी सरकार चालीस हजार करोड़ रुपए का राहत पैकेज दे. इसके साथ ही इन किसानों के  कृषि कर्ज माफ करने के साथ ही अपने इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है.

किसानों का कहना है कि तमिलनाडु में पड़े भीषण सूखे के कारण उनकी वित्तीय हालत बहुत खराब हो गई है. तमिलनाडु में इस साल भयकंर सूखा पड़ा है जो पिछले कई दशकों से भी खतरनाक है. तमिलनाडु में कई किसानों ने इस साल खुदकुशी की है.

पिछले एक महीने से ये किसान अलग अलग तरीके से प्रदर्शन करके अपना ध्यान मोदी सरकार की तरफ खींच रहे हैं पर इन्हें अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है . इनके कई साथी वापस तमिलनाडु जा चुके हैं और कुछ और किसान तमिलनाडु से इनका साथ देने आ रहे हैं. इनका कहना है कि अगर इनके साथ जबरदस्ती करके इन्हें तमिलनाडु भेजा जाएगा तो ये ट्रेन से कूदकर अपनी जान दे देंगे.

गौरतलब है कि तमिलनाडु से आए ये किसान कभी घास खाकर कभी लाश बनकर और कभी फटे हुए कपड़े में सरकार का ध्यान दिलाने के लिए नई नई तरकीबें निकाल रहे हैं .हाल में ही सात किसानों का प्रतिनिधिमंडल जब पीएम से नहीं मिल पाया था , तो इनमें से तीन किसानों ने निर्वस्त्र होकर पीएमओ के बाहर प्रदर्शन किया था.

ये किसान अपने साथ उन नर कंकालों को भी लाए हैं, जिन्होंने खेती में घाटा होने पर आत्महत्या कर ली थी. इसके अलावा चूहों और मरे सांप को खाकर भी वो अपना विरोध जता रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले इन्होंने जमीन पर चावल और दाल डालकर भी खाया था. इन किसानों का  कहना है कि जब तक इनकी मांग पूरी नहीं होगी ये यहां से वापस नहीं लौटेंगे.

First published: 22 April 2017, 12:20 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी