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देवर ने भाभी की मांग में भरा सिंदूर, वजह है मार्मिक

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2017, 11:33 IST

एक पुरुष और महिला जब एक-दूजे के होने का फैसला लेते हैं, तो एक दूजे की जिम्मेदारी उन पर आ जाती है. जब कोई एक लड़का किसी लड़की के मांग में सिंदूर डालता है, तो वो जन्म-जन्मांतर तक साथ निभाने का वादा भी करता है. जीवन की राह में जब कोई पति अपनी पत्नी का साथ छोड़ जाता है, तो किसी भी औरत के लिए जीवन जीना बहुत ही मुश्किल हो जाता है.

दरअसल छत्तीसगढ़ के सुपेबेड़ा से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. ये दास्तां गोमती सोनवानी की है. गोमती के पति की मौत किडनी की बीमारी से हो गई थी. पति के मौत के बाद तीन बच्चियों की जिम्मेदारी गोमती पर आ गई, वो बिल्कुल अकेली पड़ गई थीं. उनके अनुसार मन में ख्याल आता था कि तीनों बच्चियों के साथ आत्महत्या कर लूं. दिन-ब-दिन अंदर से टूटती जा रही थीं. तीनों बच्चियां भूख से बिलखती रोती थीं. खाने के एक-एक दाने को सब मोहताज थे.

गोमती बताती हैं कि ऐसे समय में मनोज ने जिस आत्मविश्वास के साथ मुझे ही नहीं मेरी तीनों बच्चियों को अपनाया, मेरे लिए वोे किसी फरिश्ते से कम नहीं है. मनोज ने मेरी ही नहीं मेरी बच्चियों की भी जिंदगी संवार दी. गौरतलब है कि करीब छह साल पहले गोमती के पहले पति नित्यानंद की मौत हो गई थी. ऐसे मुश्किल वक्त में नित्यानंद के चाचा के लड़के मनोज ने किसी की परवाह किए बिना निर्णय लिया कि वह बच्‍चों की परवरिश करेगा. समाज के दकियानूसी विचारों को दरकिनार करते हुए उसने अपनी भाभी की सूनी मांग में सिंदूर भर कर जीवनसाथी बना लिया.

First published: 6 July 2017, 11:33 IST
 
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