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उत्तराखंड: स्कूल में छात्रों को मिड-डे मील से पहले पढ़ना होगा भोजन मंत्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 July 2018, 8:43 IST

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार मिड-डे मील से पहले छात्रों को संस्कृत में भोजन मंत्र का जाप करवाएगी. भाजपा शासित सरकार का ये आदेश राज्य के सभी 18,000 स्कूलों में मान्य होगा. इन स्कूलों में लगभग 12 लाख बच्चे पढ़ते हैं

संस्कृत के इस 'भोजन मंत्र' को स्कूलों के किचन की दीवारों में पर भी लिखा जाएगा. ताकि छात्रों को इसे याद करने में परेशानी ना हो. जुलाई के पहले हफ्ते में शिक्षा विभाग की एक रिव्यू मीटिंग बुलाई गई थी. इस मीटिंग में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और अधिकारियों नेे सुझाव दिया कि स्कूलों में हर दिन भोजन मंत्र को स्कूल के पाठ्यक्रम से जोड़ दिया जाए.

 

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में शिक्षा विभाग के निदेशक आरके कंवर ने बताया कि समीक्षा मीटिंग में शिक्षा मंत्री और कुछ अधिकारियों ने सुझाव दिया कि स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील से पहले संस्कृत में भोजन मंत्र का उच्चारण छात्र करे. इस आदेश को जल्द ही हम संबधित विभाग में भेजने की योजना बना रहे हैं. हालांकि स्कूलों की दीवारों में इसे लिखाने का फैसला स्कूल प्रशासन और छात्रों पर छोड़ा जाएगा. ये अनिवार्य नहीं है.

हालांकि ये साफ नहीं है कि भोजन मंत्र क्या होगा. आरके कंवर सिंह ने कहा कि इसके साथ ही स्कूलों में योग का अभ्यास और महान विभूतियों के बारे में स्कूलों में पढ़ाने का निर्णय लिया गया. इस मीटिंग में ये भी फैसला हुआ कि प्रार्थना कुंमाऊ और गढ़वाली क्षेत्रीय भाषाओं में भी सिखाई जाएगी. ये सरस्वती वंदना और गायत्री मंत्र के अलावा होगी. 

सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस के नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि स्कूलों के हालात बेहद खराब है. इस समय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देने की ज़रूरत है. भाजपा ऐसा करके शिक्षा के गंभीर मुद्दों से लोगों को ध्यान भटका रही है. ऐसे फैसलों से विवाद पैदा होगा. 

First published: 9 July 2018, 8:24 IST
 
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