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पंजाब: चपरासी के 6 पदों के लिए आए 9 हजार आवेदन, एमए से लेकर एमएड पास हैं उम्मीदवार

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 May 2018, 17:24 IST

देश में बेरोजगारी का क्या आलम है ये पंजाब में देखने को मिला. जहां मात्र 6 पदों के लिए 9 हजार से ज्यादा आवेदन पहुंच गए. यही नहीं चपरासी की नौकरी पाने के लिए आईटी डिप्लोमाधारक, ग्रैजुएट, पोस्ट ग्रैजुएट्स ही नहीं बल्कि बी.टेक डिग्री होल्डर्स ने भी आवेदन किए हैं.

दरअसल, पंजाब के होशियारपुर की अदालत में हाल ही में चपरासी 6 के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे. इन पदों के पर भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक पास होने के अलावा पंजाबी का ज्ञान यानि लिखना और बोलना आना अनिवार्य रखी गई थी. राज्य सरकार के आदेशों के अनुसार, चयनित उम्मीदवार को 3 साल के लिए 6,200 रुपए का मूल ग्रेड वेतन मिलेगा. इन 6 पदों में से 3 पद सामान्य उम्मीदवारों के लिए हैं. साथ ही दो पूर्व सर्विसमैन व 1 पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित है.

उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू के आधार पर होना है. जिसके लिए फिलहार इंटरव्यू चल रहे हैं. ये प्रक्रिया चार दिनों तक चलेगी. इसके लिए सुबह से ही उम्मीदवारों की लंबी-लंबी लाइन लग जाती है. तपती दोपहरी में उम्मीदवार अपनी-अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए.

चपरासी की नौकरी के लिए इंटरव्यू देने आए सिविल इंजीनियरिंग कर रहे अजय कुमार का कहना है कि वह अभी बी.टैक कर रहे हैं और उन्हें अभी से नौकरी की जरूरत है. अजय ने भी नौकरी के लिए की बार इंटरव्यू दिए हैं, लेकिन कहीं भी 10 हजार रुपये महीने से ज्यादा सैलरी वाली नौकरी नहीं मिली. हारकर अजय कुमार ने चपरासी की नौकरी के लिए अप्लाई कर दिया.

वहीं हिंदी में एम.ए कर चुके अभिषेक के मुताबिक बेरोजगारी के चलते उन्होंने चपरासी पद के लिए आवेदन किया है. उन्होंने कई जगह प्राइवेट जॉब की लेकिन उस नौकरी से संतुष्टि नहीं मिली. वो कहते हैं कि नौकरी तो सरकारी होनी चाहिए, बेशक चपरासी की हो.

एम.ए, बीएड कर चुके अनीश बताते हैं कि बेरोजगारी की वजह से उन्होंने चपरासी की नौकरी के लिए अप्लाई किया है. अनीश का कहना है कि चपरासी भी तो इंसान होता है. इंसान को चोरी या ठगी नहीं करनी चाहिए.

एक और एम.ए बीएड उम्मीदवार अजय कुमार के मुताबिक देश में बेरोजगारी बहुत ज्यादा है. सरकारी नौकरी में सारी जिंदगी की रोटी सुनिश्चित हो जाती है. इसलिए चपरासी पद के लिए आवेदन किया है.

वहीं पटियाला की एक युवती ने भी चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन किया है. वह एमए, बीएड है. और एक निजी स्कूल में नौकरी करती हैं. उनका कहना है कि निजी स्कूल इतना अधिक शोषण करते हैं, जहां टीचिंग कर घर नहीं चलाया जा सकता. वो भी सरकारी नौकरी सबसे बेहतर बताती हैं.

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First published: 21 May 2018, 17:24 IST
 
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