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इस महिला को नहीं है Nipah वायरस से कोई डर, घर में रहती हैं हजारों चमगादड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 May 2018, 11:00 IST

केरल में फैले निपाह वायरस के चलते कई लोगों की जान चली और कई लोग आज भी निपाह का इलाज करा रहे हैं. निपाह वायरस फैलने का मुख्य कारण चमगादड़ों को बताया गया है. ऐसे में गुजरात से एक हैरान करने वाली खबर मिली है. जहां एक गांव की महिला को चमगादड़ों से जरा भी डर नहीं लगता. बल्कि वो इनके साथ रहती है.

यही नहीं 74साल की ये बुजुर्ग महिला 2000 चमगादड़ों के साथ घर में रहती है. इस महिला को इन चमगादड़ों से जरा सी भी दिक्कत नहीं होती. ये महिला पिछले एक दशक से इन चमगादड़ों के साथ घर में रह रही है. इस महिला को ये भी पता है कि निपाह वायरस चमगादड़ों से ही फैलता है. बावजूद इसके इस महिला को कोई डर नहीं सताता. ये महिला चमगादड़ों को अपने परिवार का हिस्सा मानती है.

शांताबेन प्रजापति नाम की ये महिला अहमदाबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित राजपुर गांव में रहती है. चमगादड़ों के साथ रहने की वजह से ही लोग शांताबेन को चमचिड़ियावाला कहने लगे हैं. शांताबेन के कहना है कि ये चमगादड़ ही मेरा परिवार हैं. बता दें कि शांताबेने के पति की मौत हो चुकी है. उनकी बेटियों को शादी हो चुकी है और अब वो सब अपने ससुराल में रहती हैं.

 

इसलिए उनके साथ रहने वाला कोई नहीं है अब उन्होंने इन चमगादड़ों को ही अपने परिवार का हिस्सा मान लिया है. वहीं निपाह वायरस के बारे में बात करने पर शांताबेन कहती हैं कि इस बीमारी के बारे में उस बीमारी के बारे में सुना है पर मुझे उससे कोई डर नहीं है.

शांताबेन बताती हैं कि जब उन्होंने घर के आंगन में खाना बनाना और सोना शुरू किया, तब से इन चमगादड़ों की संख्या बढ़ती चली गई. शांताबेन कहती हैं कि चमगादड़ों के झुंड ने मेरे 2 कमरों के घर की चारों दीवारों को अपना आशियाना बना लिया है. साथ ही घर की ऊपरी मंज़िल पर भी चमगादड़ रहते हैं.

बता दें कि शांताबेन महज 30 साल की थीं जब उनके पति कांजीभाई की बिजली गिरने से मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद मजदूरी कर शांताबेन ने अपनी तीन बेटियों की शादी की और बेटे को पढ़ाया लिखा. अब उनका बेटा अब मुंबई में रहता है.

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First published: 29 May 2018, 11:00 IST
 
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