Home » राज्य » Gujrat Una's 300 families became Buddhists from Hindus, said - Justice did not get justice for one and a half years
 

उना के 300 दलित परिवार बने हिन्दू से बौद्ध, कहा- डेढ़ साल हो गए न्याय नहीं मिला

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 April 2018, 18:21 IST

तकरीबन 2 साल पहले गुजरात के ऊना में गौरक्षकों के हमले का शिकार बने दलित परिवार के 4 सदस्यों ने रविवार को बौद्ध धर्म कबूल कर लिया. दलित परिवार ने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली और कहा कि दलितों पर हो रहे अत्याचार और सरकार की उपेक्षा से नाराज होकर उन्होंने बौद्ध धर्म की स्वीकार करने का फैसला किया है.

इस दीक्षा के लिए पुलिस ने सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए थे. एक रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए तालुका के मोटा समाधियाला गांव में बौद्ध धर्म का एक आयोजन किया गया जिसमें उना मामले के पीड़ित परिवार समेत करीब 300 दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाया.

पीड़ित परिवार के बालू सरवैया के बेटे रमेश सरवैया ने मीडिया को बताया कि उसके घरवालों, गांव के 50 घरों के लोगों और पूरे गुजरात से करीब 300 दलितों ने आज (रविवार को) हिन्दू-दलित के तौर पर किए जा रहे भेदभाव से पीड़ित होने पर बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया.

पीड़ित दलित परिवार का कहना है कि ”डेढ़ साल हो गए हमें हम पर किए गए अत्याचारों को लेकर न्याय नहीं मिला और हमसे लगातार भेदभाव किया जा रहा है. इसलिए हमने आज बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया.”

रिपोर्ट के अनुसार दलित परिवारों ने कसम खाई कि वे हिन्दू देवी-देवताओं में विश्वास नहीं करेंगे और केवल बौद्ध धर्म की मान्यताओं को मानेंगे. धर्म परिवर्तन के बाद लोगों ने कहा कि यह उनका दूसरा जन्म है.

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First published: 29 April 2018, 18:18 IST
 
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