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अकाली घोषणा पत्र: आखिरकार नशाखोरी के ख़िलाफ़ जंग का ऐलान करना पड़ा

राजीव खन्ना | Updated on: 25 January 2017, 8:37 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)

पंजाब में नशेखोरी की समस्या से अब तक इनकार करते रहे शिरोमणि अकाली दल ने आखिर मंगलवार को लुधियाना में जारी अपने चुनाव घोषणा पत्र में नशेखोरी की समस्या के खिलाफ जंग लड़ने का वादा किया है. पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल ने अकाली घोषणा पत्र के बारे में जानकारी देते हुए कहा, अपराध की रोकथाम नशेखोरी के खिलाफ जंग जारी रखना अकाली-भाजपा गठबंधन की प्राथमिकता रहेगी. 

उन्होंने कहा, अपराध की रोकथाम के लिए हर गांव और शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. साथ ही सीमाओं की रक्षा के लिए एक दूसरी रक्षा पंक्ति के तौर एक स्पेशल बॉर्डर एरिया फोर्स का गठन किया जाएगा. उन्होंने कहा, नशे की लत छुड़वाने के लिए पुनर्वास केंद्रों को उन्नत किया जाएगा. इसके अलावा नशे की लत छोड़ने वाले लोगों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी.

गौरतलब है कि ये वही सुखबीर हैं जो इस बात से इनकार करते आए हैं कि पंजाब में नशे की समस्या है. उनकी परार्टी अब तक पंजाब की इस नशेखोरी की समस्या संबंधी रिपोर्टों को खारिज करती आई है. इसी पार्टी ने पंजाब की इस समस्या पर आधारित बॉलीवुड फिल्म उड़ता पंजाब का विरोध किया था. अकाली दल ने बल्कि यह प्रचार करना शुरू कर दिया था कि जो लोग यह कहते हैं कि पंजाब में नशाखोरी है, वे दरअसल पंजाब को बदनाम करना चाहते हैं. 

खेती पर ज़ोर

खुद को किसानों की पार्टी बताने वाले अकाली दल ने घोषणा पत्र में कहा है कि वे खेती को स्थाई व्यवसाय बनाएंगे और ग्रामीण आर्थिक ढ़ांचे को विकसित करेंगे. उन्होंने युवाओं के लिए 20 लाख रोजगार सृजन करने की बात भी की. साथ ही उद्योगों के लिए बड़े काम्प्लेक्स बनाने और गरीबों की सहायता की भी बात कही.

अकालियों ने दावा किया कि उन्होंने, ‘जो कहा, वही कर विखाया.’ घोषणा पत्र में कहा गया है कि हमने पूर्व में भी किए गए अपने सारे वादे पूरे किए हैं. चाहे फिर यह प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की बात हो या आटा-दाल और शगुन जैसी कल्याणकारी योजनाएं लागू करने की. हमने प्रदेश भर के 165 कस्बों में पेयजल और सीवरेज की सौ फीसदी सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं.

अपने प्रतिद्वंदियों कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की तरह ही सुखबीर ने घोषणा की कि अकाली-भाजपा गठबंधन भी छोटे किसानों के कर्ज माफ करेगा. साथ ही गेहूं व धान की फसल के अधिकतम समर्थन मूल्य पर अतिरिक्त सहायता के तौर पर 100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. उन्होंने कहा, छोटे किसानों को 2 लाख रूपए का ब्याज मुक्त ऋण मिल सकेगा. 

इसके अलावा सरकार सभी किसानों को ट्यूबवैल भी देगी चाहे उनके पास जमीन हो या नहीं. इसके अलावा खेती के काम के लिए दिन में 10 घंटे निशुल्क बिजली दी जाएगी. सुखबीर ने कहा प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा. 

अगले 5 सालों में गांवों के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेगा. हमने जिस तरह प्रदेश के सभी 165 कस्बों में पेयजल व सीवरेज सुविधाएं उपलब्ध करवाईं, ठीक उसी तरह सभी 12,000 गांवो में पेयजल व सीवरेज सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी. सीमेंट की सड़कें बनाई जाएंगी और सौर लाइटें लगाई जाएंगी. आटा-दाल की एक दुकान के अलावा गांवों में मेडिकल क्लिनिक और सेवा केंद्र खोले जाएंगे. साथ ही सारी लिंक रोड 18 फीट चौड़ी बनाई जाएंगी.

25 हज़ार कौशल विकास केंद्र

अकाली दल का 25,000 कौशल विकास केंद्र खोलने का भी प्रस्ताव है. इसके तहत प्रति 5 गांवों के लिए एक सेंटर खोला जाएगा. कौशल विकास प्रशिक्षण लेने वाले लोगों को 10 लाख रूपए का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा. गठबंधन की सरकार 50,000 युवाओं को बिना डाउन पेमेंट के लचीले ऋणों पर टैक्सियां लेने की सुविधा प्रदान करेगी.

सुखबीर ने कहा, 20 लाख नौकरियां देने का वादा पूरा करने के लिए हम सरकारी नौकरियों में तो भर्ती करेंगे ही साथ ही पर्यटन  एवं औद्योगिक क्षेत्र में भी लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाएंगे. पर्यटन उद्योग की चिंताओं की बात करते हुए उन्होंने कहा, हमने इसके लिए सारी बुनियादी सुविधाएं जुटा ली हैं. सारे बड़े कस्बों और शहरों को 4 और 6 लेन के राजमार्गों से जोड़ा जाएगा. 

हमें बड़े औद्योगिक केंद्रों की जरूरत होगी. इसके अलावा मालवा क्षेत्र को टेक्सटाइल केंद्र बनाने की योजना है. राजपुरा में 2500 एकड़ भूमि पर एक औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा. मोहाली, लुधियाना और अमृतसर में ट्रेड फेयर सेंटर बनेंगे. इसके अलावा मोहाली और अमृतसर में विश्व स्तरीय आईटी केंद्र बनेंगे. राजपुरा में फार्मा केंद्र और मुल्लानपुर में मेडिसिटी सेंटर बनेंगे. 

व्यापारी वर्ग को खुश करने के उद्देश्य से अकालियों ने आश्वासन दिया है कि जिन व्यापारियों का सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रूपए है, उन्हें बही खाता बनाने की जरूरत नहीं है. वे अपने स्तर पर ही सत्यापन करके समेकित कर अदायगी कर सकते हैं. वर्तमान में 1 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध है. समाज के कमजोर तबकों को साधते हुए अकाली दल ने वादा किया है कि सारे कच्चे घरों को पक्का बनाया जाएगा और बेघरों को रोजगार दिया जाएगा.

पेशंन 2 हज़ार

सुखबीर ने कहा कि अनुसूचित एवं पिछड़ा वर्ग की जातियों के लिए निर्धारित समाज कल्याण योजनाओं का लाभ आर्थिक रूप् से पिछड़े सामान्य वर्ग को भी मिलेगा. उन्होंने कहा, वेलफेयर पेंशन की राशि मौजूदा 500 रूपए प्रतिमाह से बढ़ा कर 2,000 रूपए प्रतिमाह कर दी जाएगी. शगुन योजना के तहत मिलने वाले मुआवजे की राशि भी 15,000 रूपए से बढ़ा कर 51,000 रूप्ए कर दी जाएगी. 

10 रूप्ए प्रति किलोग्राम की दर से 5 किलो चीनी और 25 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से 2 किलोग्राम घी देने की योजना की भी पहल की गई है. पार्टी छोटे गरीब किसानों, व्यापारियों और निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों को मुफ्त गैस कनेक्शन और सालाना 1 लाख रूपए तक का निशुल्क इलाज करवाने की सुविधा देने की भी बात कर रही है.

धार्मिक कार्ड

धार्मिक कार्ड खेलते हुए सुखबीर ने कहा, अकाली-भाजपा गठबंधन ने बुनियादी ढ़ांचे में सुधार के लिए काफी काम किया है. साथ ही दरबार साहिब परिसर के सौंदर्यीकरण का काम करवाया है. अगले 5 सालों में अमृतसर की चारदीवारी को हेरिटेज लुक दिया जाएगा. उन्होंने कहा पार्टी ने न्यूनतम कीमतों पर कॉलॉनी के नियमन की मांग की है.

अकाली दल ने कई बुनियादी परियोजनाओं का भी प्रस्ताव किया है, जैसे अमृतसर और नई दिल्ली के बीच बने नए एक्सप्रेस वे के साथ-साथ जालंधर और अजमेर शरीफ के बीच सुपर एक्सप्रेसवे का निर्माण. सतलुज-युना लिंक (एसवाईएल) नहर और पंजाब के पानी के बंटवारे जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अकाली दल ने कहा, एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए पंजाब के पास न तो जमीन है और न ही पानी. हमने प्रस्तावित नहर के लिए किसानों से ली गई जमीनें उन्हें लौटा दी हैं. अब यहां किसी भी सूरत में एसवाईएल नहर का निर्माण नहीं किया जा सकता.

उन्होंने कहा, ‘हम चंडीगढ़ और हरियाणा के अन्य पंजाबी भाषी इलाकों को पुनः पंजाब में वापसी को  प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे. हम नरसंहार जैसे अपराध करने वाले अपराधियों को नामजद करने और पीडि़तों के पुनर्वास सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेंगे. हम संघीय ढ़ांचे, अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा और साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए भी काम करेंगे.’’

पहले से सतर्क अकाली

अकाली दल अपने कार्य के आधार पर जनता से वोट की अपील कर रहा है. पार्टी पंजाब में विकास कार्यों, जनहित की नीतियों कार्यक्रमों एवं अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के फैसलों के आधार पर वोट मांग रही है. देश के सबसे पुराने क्षेत्रीय राजनीतिक दल अकाली दल ने घोषणा पत्र के माध्यम से ऐसे मुददों को छुआ है जिनकी वजह से पार्टी को एंटी इन्कम्बेंसी का सामना करना पड़ सकता है. 

पार्टी ने अपने परम्परागत समर्थक ग्रामीण मतदाता, खास तौर पर किसानों को रिझाने की कोशिश की है. आजकल किसान बहुत दुखी हैं. सुखबीर ने पिछले 10 सालों में सरकार द्वारा किए गए बुनियादी विकास के दम पर मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की है. पार्टी किसानों के प्रदेश से संभावित पलायन को रोकने के हर संभव प्रयास कर रही है.

हालांकि अकाली दल के घोषणा पत्र में कहीं भी भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया ही नहीं है. इसके अलावा पिछले दिनों पंजाब की सुर्खियां रहे कुछ मुद्दों को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया है, जैसे पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज कर लेना और धार्मिक हिंसा व पवित्र ग्रंथों के अपमान का मामला. पिछले दो साल से इन मुद्दों ने पंजाब की हवा खराब कर रखी है.

First published: 25 January 2017, 8:37 IST
 
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