Home » राज्य » hospital transfused HIV positive blood to the woman Madras HC orders Rs 25 lakh compensation
 

सरकारी अस्पताल ने महिला को चढ़ाया HIV पॉजिटिव खून, अदालत ने सुनाये ये कड़े आदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 July 2019, 12:11 IST

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को आदेश दिया है कि वह उस महिला को 25 लाख का मुआवजा दे, जो सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान एचआईवी पॉजिटिव हो गई थी. इस अस्पताल ने महिला को एचआईवी पॉजिटिव खून चढ़ा दिया था. इससे पहले अदालत नई महिला को सरकारी नौकरी और एक घर देने का आदेश सुनाया था.

न्यूज़ मिनट की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2018 में 23 वर्षीय गर्भवती महिला को सत्तूर सरकारी अस्पताल में रक्त ट्रांफ्यूजन हुआ था. यह आरोप लगाया गया था कि रक्त बैंक कर्मचारी दान किए गए रक्त को ठीक से जांचने में विफल रहे. 30 नवंबर को एक एचआईवी संक्रमित व्यक्ति ने खून डोनेट किया था. उसने विदेश जाने के पहले विरधुनगर के एक प्राइवेट अस्पताल में खून टेस्ट कराया था, जिसमें वह एचआईवी पॉजिटिव पाया गया था.

पीड़िता को शारीरिक और मानसिक आघात के मुआवजे की मांग के लिए अदालत में कई जनहित याचिकाएं (पीआईएल) दायर की गईं. यह आदेश अंतत: न्यायमूर्ति एन किरुबाकरण और न्यायमूर्ति एसएस सुंदर की खंडपीठ ने पारित किया. इस मामले से जुड़े तीन मामलों के एक बैच को अदालत ने एक साथ रखा था. अपने आदेश में न्यायाधीशों ने कहा, "राज्य पीड़ित को मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये की राशि का भुगतान करेगा. पीड़ित के नाम पर किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में तीन साल की अवधि के लिए एक ब्याज असर वाली सावधि जमा की जाएगी''.

साथ ही 15 लाख रुपये की शेष राशि उसके दो नाबालिग बच्चों के संयुक्त नाम और उक्त राशि में जमा की जाएगी. अदालत ने तब अप्रैल 2019 से अपने पिछले आदेश को दोहराया, और सरकार को पीड़िता के लिए घर बनाने के लिए अतिरिक्त धन आवंटित करने का निर्देश दिया. अदालत ने ब्लड बैंक कर्मचारियों की भर्ती के लिए और नमूनों पर किए गए परीक्षणों के लिए दिशानिर्देश तय किए.

आम लोगों को बड़ी राहत, सस्ती होंगी कैंसर और दिल की बीमारियों की दवा

 

First published: 27 July 2019, 12:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी