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कर्नाटक: भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सरकार ने जारी किया रेड अलर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 May 2018, 10:51 IST
(NDTV)

जहां उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर में भीषण गर्मी पड़ रही है. वहीं दूसरी और कर्नाटक में मौसम का मिजाज बदल गया है. कर्नाटक में कई घंटों की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. भारी बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भर गया है. पानी भरने की वजह से लोगों और गाड़ियों को सड़कों पर निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

वहीं मंगलोर में भारी बारिश के चलते स्कूले बच्चे रास्ते में फंस गए. बच्चों को बोट के सहार निकाला गया है. इसी के चलते बुधबार को मंगलोर के स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की गई है. वहीं, दक्षिण कन्नड़ और उदुपी के तटीय जिलों में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है. जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है. सड़कें डूब गई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

बता दें कि मंगलवार को केरल में मानसून के पहुंचने साथ ही समुद्री इलाकों और कर्नाटक के मैंगलोर में भारी बारिश हो रही है. कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान और बाजार बंद रहे. भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए.

 

कर्नाटक में भारी बारिश के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से बात की है. पीएम ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रभावित इलाकों में सभी तरह की संभावित मदद पहुंच सके. बताया जा रहा है कि मेकुनु चक्रवात समुद्री जिलों तक पहुंच गया है. इसी के बीच नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कर्नाटक में रेड अलर्ट जारी कर दिया है. इसके तहत कर्नाटक के समुद्री इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस संबंध में ट्वीट कर कहा, 'कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में बारिश से प्रभावित होने वाले सभी लोगों की सुरक्षा और बेहतरी की कामना करता हूं. अधिकारियों से बात की है और उनसे प्रभावित इलाकों में हर मुमकिन मदद पहुंचाने को सुनिश्चित करने को कहा है.'

वहीं, गृह मंत्रालय ने कहा कि उसने मंगलोर में स्थिति की समीक्षा की है और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की कुछ अतिरिक्त टीमों को राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन की मदद करने के लिए भेजा है. बता दें कि यूपी, बिहार और झारखंड में के अलग-अलग इलाकों में तूफान और बिजली गिरने से मरने वालों की संख्या 40 हो गई है. यहां अभी भी गर्मी का सितम जारी है.

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First published: 30 May 2018, 10:51 IST
 
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