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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस नेता का बयान, मानसिक रूप से बीमार हैं जज, कराएं इलाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 September 2018, 12:03 IST
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केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष के सुधाकरन ने सुप्रीम कोर्ट के अडल्टरी पर दिए गए फैसले को लेकर एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के जजों को मानसिक रूप से बीमार बताया है. केरल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि 'मानसिक रूप से बीमार जज को फिर से अपने फैसले की समीक्षा करनी चाहिए क्योंकि यह देश में पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ दिया गया फैसला है' सुधाकरण के खिलाफ अभी तक उनके इस बयान को लेकर फिलहाल किसी प्रकार का केस दर्ज नहीं किया गया है.

 मीडिया खबरों के मुताबिक, के सुधाकरन ने कन्नूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के अडल्टरी पर दिए गए फैसले को लेकर कहा 'मानसिक रूप से बीमार जज ने यह दिखाया कि उन्हें भारत के पारिवारिक मूल्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं. उन्हें अपने फैसले पर पुर्नविचार करना चाहिए. पति अपनी पत्नी के प्रति जिम्मेदार नहीं है और पत्नी अपने पति के प्रति उत्तरदायी नहीं है. क्या जज में कुछ कमी तो नहीं है? क्या वह मानसिक रूप से बीमार हैं?' जज को अपने दिमागी हालत का इलाज कराना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ है. भारत को हमेशा से अपने पारिवारिक मूल्यों पर गर्व रहा है. भारत ने हमेशा से अपनी संस्कृति पर गर्व किया है. इसके अलावा उन्होंने सबरीमाला मंदिर पर दिए फैसले के विरोध में भी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को धार्मिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए. ये सदियों से चली आ रही हैं.

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आपको बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 497 को असंवैधानिक करार दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस धारा को खारिज कर दिया है. आईपीसी की धारा 497 में पति की मौन सहमति या उसकी सहमति के बिना एक शादी शुदा महिला से शारीरिक संबंध बनाना अपराध की श्रणी में आता था. जिसको पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस धारा को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह तलाक का आधार बन सकता है.

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First published: 30 September 2018, 12:03 IST
 
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