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गुजरात: मेहसाणा दंगा मामले में हार्दिक पटेल दोषी करार, 2 साल की जेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 July 2018, 13:25 IST
(File Photo)

गुजरात के विसनगह कोर्ट ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को साल 2015 में विसनगर दंगा के दौरान बीजेपी विधायक के कार्यालय में तोड़फोड़ के आरोप में दोषी करार दिया गया है. कोर्ट ने पटेल के साथ ही दो और लोगों को दोषी करार दिया है. इसमें लालजी पटेल और एके पटेल का नाम शामिल है. कोर्ट  ने हार्दिक पटेल सहित तीनों को 2-2 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही कोर्ट ने हार्दिक पटेल और लालजी पटेल पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. 

बता दें कि साल 2015 में हार्दिक पटेल ने पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग की थी.  इस दौरान मेहसाणा के विसनगर में आंदोलन दंगा  में बदल गया था. इस दौरान दंगाईयों द्वारा बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई थी.

विसनगर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए हार्दिक पटेल सहित तीन लोगों को दोषी करार दिया है. वहीं, 14 लोगों को बरी कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों को आरोपी बनाया था. हार्दिक पटेल के साथ ही कोर्ट ने लालजी पटेल को भी दोषी करार दिया है. 

क्या था मामला?

गुजरात में साल 2015 में हार्दिक पटेल की अगुवाई  में पाटीदार समुदाय आरक्षण की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आया था. इस दौरान गुजरात में कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थी.  इस आंदोलन में 9 लोगों की मौत हो गई थी.  हार्दिक पटेल और लालजी पटेल पर विसनगर के बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के दफ्तर पर आगजनी और तोड़फोड़ का आरोप लगा था. पुलिस ने इस आंदोलन के बाद बड़ी संख्या में पाटीदार समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे. जिससे गुस्साए पाटीदारों ने 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जमकर मुखालफत की थी. 

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First published: 25 July 2018, 12:10 IST
 
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