Home » राज्य » Navjot Singh Sidhu stays away from swearing in event of first Sikh Mayor in Amritsar Punjab
 

भाजपा छोड़ने वाले सिद्धू का कांग्रेस से क्यों हो रहा है मोहभंग?

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 January 2018, 15:22 IST
(File Photo)

पंजाब में किसी समय पूर्व क्रिकेटर और नेता नवजोत सिंह सिद्धू को भाजपा का बड़ा चेहरा माना जाता था. लेकिन अपनी उपेक्षा के कारण पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले नवजोत सिंह सिद्धू आजकल कांग्रेस से भी नाराज हैं. 

पंजाब में कांग्रेस शासित कैप्टन अमरिंदर सरकार में स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के नाराज होने की वजह अमृतसर में उनके पसंद के व्यक्ति को मेयर ना बताना बताया जा रहा है. गौरतलब है अमृतसर को पहली बार कोई सिख मेयर मिला है. दस साल बाद कांग्रेस ने अमृतसर में स्थानीय निकाय चुनाव जीते हैं.

करमजीत सिंह रिंटू को कांग्रेस के पार्षदों ने सर्वसम्मति से अपना नेता चुना. करमजीत सिंह के चुनाव कार्यक्रम में भी नवजोत सिंह सिद्धू नहीं पहुंचे. नवजोत सिंह सिद्धू कार्यक्रम में ना बुलाए जाने से भी नाराज है. गौरतलब है कि सिद्धू और रिंटू के बीच रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं.

वरिष्ठ उप महापौर बक्षी के साथ भी सिद्धू का रिश्ता कुछ अच्छा नहीं रहा है. बक्षी ने उनके भाजपा में होते वक्त ‘‘लापता’’ होने की खबर वाले पोस्टर भी शहर में चिपकवाए थे, .

नवजोत सिंह सिद्धू इससे पहले भी महापौर पदों के उम्मीदवारों के चयन में राज्य सरकार और पार्टी द्वारा उनकी राय नहीं लिये जाने से ‘‘बहुत आहत’’ होने की बात कह चुके हैं.

कांग्रेस से नवजोत सिंह सिद्धू के मोहभंग की बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद वह कई मुद्दों पर कांग्रेस से नाराज हो चुके हैं. केबल बिल के मुद्दे पर भी वह वर्तमान पंजाब सरकार से नाराज हो चुके हैं. नवजोत सिंह सिद्धू  इस समय स्थानीय निकाय मंत्री हैं. अमृतसर के अलावा पटियाला, जालंधर में भी मेयर पद की ताजपोशी पर उनकी राय नहीं ली गई.

भाजपा से अलग होने के बाद सिद्धू कांग्रेस के टिकट पर अमृतसर पूर्व से विधायक है. ऐसे में अमृतसर के ताजा विवाद ने उनकी नाराजगी की बात सामने आ रही है.

First published: 26 January 2018, 15:21 IST
 
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