Home » राज्य » new currency, gold seized from Tamil Nadu chief secretary Rammohan Rao & son
 

पूर्व मुख्य सचिव राममोहन राव के यहां मिली संपत्ति तमिलनाडु में संस्थागत रूप ले चुके भ्रष्टाचार की निशानी है

एस मुरारी | Updated on: 11 February 2017, 6:41 IST
QUICK PILL
  • कोर्ट के दोषी ठहराए जाने के बाद भी मरहूम मुख्यमंत्री जे जयललिता दो बार तमिलनाडु की सत्ता में चुनी गईं. यानी लोगों को अब भ्रष्टाचार से कोई फर्क नहीं पड़ता.
  • यह राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ कि आयकर अधिकारी केंद्रीय बलों की मदद से राज्य सचिवालय में घुस गए.
  • यह भी पहली बार हुआ कि प्रशासन के मुखिया को घोटाले में सीधा लिप्त पाया गया. जयललिता ने राममोहन राव की निजी सचिव के तौर पर नियुक्ति की थी.

हाल ही में आयकर विभाग ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव पी.राममोहन राव के आवास और दफ्तर पर छापे डाले और करोड़ों का काला धन बरामद किया. छापे से यह साबित हुआ है कि पिछले कुछ सालों के दौरान राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार गहराई तक पैठ बना चुका है.

अब उच्च स्तरों पर हो रहे भ्रष्टाचार से कोई हैरानी नहीं होती. कोर्ट के दोषी ठहराए जाने के बाद भी मरहूम मुख्यमंत्री जे जयललिता दो बार सत्ता में चुनी गईं. यह राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ कि आयकर अधिकारी केंद्रीय बलों की मदद से राज्य सचिवालय में घुस गए. यह भी पहली बार हुआ कि प्रशासन के मुखिया को घोटाले में सीधा लिप्त पाया गया.जयललिता ने राममोहन राव की निजी सचिव के तौर पर नियुक्ति की थी. तब उन्होंने 2011 में बतौर सीएम तीसरे टर्म की शुरुआत की थी. फिर उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अनदेखा करते हुए उन्हें मुख्य सचिव बनाया. उस समय, साल की शुरुआत में वे चौथे टर्म में लौटी थीं. जाहिर है, राव उनके संरक्षण का आनंद ले रहे थे.

अब जब जयललिता नहीं रहीं, आयकर अधिकारियों ने एक पल की भी देरी नहीं की. राव के संबंध सड़क ठेकेदार रहे वी. शेखर रेड्डी के साथ थे. इसी कारण उन पर छापे डाले गए. यह सड़क ठेकेदार बाद में बालू की खान का शक्तिशाली व्यवसायी बन गया.

खुलासे

बुधवार को शुरू हुई छापे की कार्रवाई गुरुवार सुबह तक चली. उन्होंने मुख्य सचिव के दफ्तर की ही नहीं, आवास की भी छानबीन की. उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों तक को नहीं बख्शा. खबर है कि आयकर अधिकारियों को 30 लाख नकद मिले (सभी नए नोट) और पांच किलो सोना.

आयकर विभाग ने राव के बेटे विवेक के चेन्नई स्थित आवास से भी पांच करोड़ रुपए जब्त किए. रेड्डी के यहां छापे में 177 किलो सोना और 131 करोड़ रुपए नकद मिले, जिनमें 34 करोड़ नए नोट थे.

माना जा रहा है कि राव ने अपना काला धन रेड्डी के पास रखवा दिया था. रेड्डी के आवास से मिले सोने में से अधिकांश राव का बताया जा रहा है.

वी.शेखर रेड्डी कौन हैं?

वेल्लोर में कुछ समय के लिए सड़क ठेकेदार रहे रेड्डी ने विधायकों के माध्यम से पीडब्ल्यू के ठेके हासिल किए थे. विधायकों ने अपने एरिया डेवलप फंड से खैरात में पैसा उन्हें दिया. पिछले कुछ सालों में उन्होंने अधिकारियों के साथ गहरे रिश्ते बनाए, और मंत्रियों से संपर्क साधे. उनमें वर्तमान मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम भी हैं, जिनके पास सालों पीडब्ल्यूडी का पोर्टफोलियो रहा था.

रेड्डी फिर अवैध बालू के खनन में लग गए. करोड़ों का रैकेट सालों से चल रहा था, हालांकि मदुरई के पूर्व कलैक्टर सागायम ने सरकार को इसकी शिकायत भी की थी. उन्होंने कहा था कि मदुरई और पड़ोसी जिलों से खनन का अवैध कारोबार चल रहा है.

हाल ही में गिरफ्तारी के बाद रेड्डी को तिरुपति-तिरुमाल देवस्थानम बोर्ड के ट्रस्टी पद से हटाया गया. उन्होंने पन्नीरसेलवम के लिए तिरुपति में विशेष दर्शनों की व्यवस्था करवाई थी, जब जयललिता को कनार्टक हाईकोर्ट ने धन के मुकदमे से मुक्त कर दिया था. दोनों की मंदिर की फोटो वाइरल हो गई और नए मंत्री ने इससे इनकार नहीं किया.

और अब राव

राव भी निम्न मध्यम श्रेणी परिवार से हैं. उनके पिता राज्य परिवहन निगम में ड्राइवर थे. कॉस्टिंग अकाउंटिंग में एम कॉम करने के बाद, उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा पास की और तमिलनाडु कैडर (1985 का बैच) जॉइन किया.

कार्मिक मंत्रालय को दिए अपने बयान में राव ने कहा था कि उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है. चेन्नई में उनकी पत्नी के पास घर है, जिसे उन्होंने तमिलनाडु हाउसिंग बोर्ड का मकान बेचकर खरीदा था.

वे पहले मुख्य सचिव हैं, जिन्हें आयकर अधिकारियों के छापे की बदनामी झेलनी पड़ी. राव के चैंबर की जब आयकर अधिकारी तलाशी ले रहे थे, पन्नीरसेलवम सचिवालय में थे. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि राव भी सर्तकता आयुक्त थे.

पन्नीरसेल्वम ने उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की और उन्हें पद से हटा दिया. उनकी जगह उन्होंने गिरिजा वैद्यनाथन को नया मुख्य सचिव और सतर्कता आयुक्त नियुक्त कर दिया. पट्टाली मक्कल कच्ची पार्टी के नेता रामादौस ने कहा कि पिछले पांच सालों में राव का राज्य की सभी भ्रष्टाचार गतिविधियों में मुख्य हाथ रहा है.

भ्रष्ट संबंधों का खुलासा

इस छापे से अधिकारियों और राजनेताओं के बीच के भ्रष्ट संबंधों का खुलासा हुआ है. 1950 में जब राजाजी (राजगोपालाचारी) संयुक्त मद्रास राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने, उन्होंने आदेश दिया था कि सचिवालय में पार्टी के लोगों का प्रवेश निषिद्ध रहेगा.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस छापे को राजनीति से प्रेरित कदम मान रही हैं. दिल्ली सचिवालय में भी ऐसा ही हुआ था, जिसकी वजह से अरविंद केजरीवाल का मोदी सरकार के साथ अब तक विवाद चल रहा है. हालांकि तमिलनाडु सरकार की मोदी सरकार से ऐसी कोई लड़ाई नहीं है. डीएमके नेता स्टालिन ने कहा, 'छापे ने राज्य को शर्मसार कर दिया.'

First published: 24 December 2016, 11:48 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी