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नीतीश की पार्टी ने नहीं दिया अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर मोदी का साथ ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2019, 14:58 IST

कश्मीर से धारा 270 हटाए जाने के फैसले का कई विपक्षी दलों ने समर्थन किया है. इन नेताओं में दिल्ली के सीएम अरविन्द कज्रिवाल से बसपा चीफ मायवती भी शामिल हैं. हालांकि बिहार में भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेपी नारायण, राम मनोहर लोहिया और जॉर्ज फर्नांडीस जैसे समाजवादी नेताओं की विरासत के उत्तराधिकारी थे. केसी त्यागी ने कहा "इसलिए हमारी पार्टी आज राज्यसभा में बिल का समर्थन नहीं कर रही है. हमारी अलग सोच है. हम चाहते हैं कि धारा 370 को निरस्त न किया जाए.”

 

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र के फैसले की निंदा की है. अनुच्छेद 370 जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करता है. मुफ्ती ने ट्वीट में कहा, 'आज भारतीय लोकतंत्र में सबसे काला दिन हैं. भारत सरकार द्वारा धारा 370 को हटाना गैरकानूनी और संवैधानिक है. इससे जम्मू कश्मीर में भारत कब्जा करने वाली ताकत बन जाएगा.’'

 

महबूबा ने कहा ''धारा 370 को लेकर उठाया गया मुद्दा उपमहाद्वीप में विनाशकारी परिणाम लाएगा, सरकार लोगों को आतंकित करके जम्मू कश्मीर पर अधिकार चाहती हैं. उन्होंने कहा भारत जम्मू कश्मीर से किया गया वादा पूरा करने में विफल रहा.'' पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख ने कहा कि जिस उल्लास के साथ मीडिया और सिविल सोसाइटी के कुछ वर्ग शाह की घोषणाओं का जश्न मना रहे हैं वे घृणित और चिंताजनक है''

एक बयान में नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार का एकतरफा फैसला चौंकाने वाला है. उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर के लोगों ने जो भरोसा 1947 में जताया था, उसके साथ धोखा दिया गया है. इस फैसले के दूरगामी और खतरनाक परिणाम होंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा "एक कठिन और लंबी लड़ाई आगे है. हम इसके लिए तैयार हैं."

जम्मू-कश्मीर : क्या है अनुच्छेद 370 और इसे हटाने से क्या बदलेगा ?

First published: 5 August 2019, 14:52 IST
 
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