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इस पूर्वोत्तर राज्य में जाने से पहले अब करवाना होगा रजिस्ट्रेशन

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 November 2019, 10:02 IST

मेघालय मंत्रिमंडल ने आदिवासी नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए शुक्रवार को एक ऐसे अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी, जिसमें राज्य में प्रवेश के लिए बाहरी लोगों का पंजीकरण अनिवार्य होगा. राज्य के मंत्रिमंडल ने संशोधित मेघालय निवासियों, सुरक्षा और सुरक्षा अधिनियम 2016 को मंजूरी दी. उप मुख्यमंत्री प्रस्टोन तिनसॉन्ग ने कहा “संशोधित अधिनियम को मंजूरी दे दी गई है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगी. इसे राज्य विधानसभा के अगले सत्र में नियमित किया जाएगा.”

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और गैर सरकारी संगठनों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ कई बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया है. उप मुख्यमंत्री ने कहा “कोई भी व्यक्ति जो मेघालय का निवासी नहीं है और राज्य में 24 घंटे से अधिक रहना चाहता है, उसे सरकार को दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.“ केंद्र राज्य और जिला परिषदों के कर्मचारियों को अधिनियम के दायरे से छूट दी गई है.

मेघालय निवासी, सुरक्षा और सुरक्षा अधिनियम 2016 (MRSSA) को तत्कालीन कांग्रेस ने MUA-II सरकार द्वारा इनर लाइन परमिट (ILP) के एवज में अवैध आव्रजन की जांच के लिए एक व्यापक तंत्र के हिस्से के रूप में पारित किया था. टाइनसॉन्ग ने कहा कि जब अधिनियम 2016 में पहली बार पारित किया गया था तो केंद्र बिंदु किरायेदारों पर था.

उन्होंने कहा “हम पंजीकरण के लिए सरल प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा नियमों को फिर से तैयार करेंगे और ऑनलाइन पंजीकरण की अनुमति भी देंगे. एक बार नियम तैयार हो जाने के बाद इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित उपायुक्तों के नेतृत्व वाले जिला कार्य बलों को और अधिक सक्रिय होना होगा''.

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First published: 2 November 2019, 10:02 IST
 
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