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पंजाबः चुनाव ख़त्म लेकिन आप चुपचाप नहीं है

राजीव खन्ना | Updated on: 1 March 2017, 7:56 IST

पंजाब में मतदान ख़त्म हुए 22 दिन बीत चुके हैं. उसके बावजूद आम आदमी पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां चालू रखे हुए है. कांग्रेस नेतृत्व ने सतलुज यमुना नहर लिंक के विवादास्पद मुद्दे पर बयान देकर हरियाणा में राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है जबकि अकाली दल का शीर्ष नेतृत्व दिल्ली में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन चुनावों में व्यस्त है. इसके लिए रविवार को मतदान हुआ है. इस सबके बीच आप नेतृत्व अपना राजनीतिक कद बढ़ाने में लगा हुआ है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है, आप पार्टी अब यहां जीते या हारे लेकिन पार्टी ने ऐसे संकेत तो दे ही दिए हैं कि वह पंजाब में राजनीतिक पटल पर तो आ ही चुकी है. पार्टी ने अब पंजाब में नशे के खिलाफ अपना औपचारिक अभियान शुरु कर दिया है. इसके लिए प्रदेश भर में पार्टी ने अपने उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगा दी है कि वे ड्रग लेने वाले नशे के आदी लोगों और नशा मुक्ति केंद्रों के बारे में जानकारी व आंकड़े इकठ्ठे करें.

रविवार को नाकोदर में पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को दी एक धन्यवाद पार्टी में यह घोषणा की. इस मौक़े पर आप पार्टी की पूरी पंजाब इकाई और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह व दुर्गेश पाठक उपस्थित थे. पार्टी ने पंजाब में नशे को जड़ से उखाड़ फेंकने की कार्ययोजना तैयार की. यह मुद्दा पार्टी के घोषणा पत्र में भी शामिल किया गया था. पार्टी हाल ही संपन्न हुए विधानसभसा चुनावों में अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है. चुनाव के नतीजे 11 मार्च को घोषित किए जाएंगे.

आक्रामक 'आप'

दुर्गेश पाठक ने घोषणा की कि सत्ता में आने के 24 घंटे के भीतर आप पार्टी प्रदेश में ड्रग्स की सप्लाई रोक देगी और महीने भर में पंजाब को नशे के अंधकार से मुक्ति दिलाएगी. उन्होंने कहा, सत्ता में आना आसान है लेकिन एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना काफी मुश्किल काम है. अपने उद्बोधन में संजय सिंह ने आप कार्यकर्ताओं व पंजाब की जनता को संबोधित करते हुए कहा, आप पार्टी अपने चुनाव घोषणा पत्र में किए गए सारे वादे पूरे करेगी.

संगरूर से सांसद आप पार्टी के चुनावी खेवनहार भगवंत मान ने कहा, आप पंजाब में बड़े पैमाने पर जीतेगी और बड़ी जीत अपने साथ बड़ी जिम्मेदारी भी लाती है. उन्होंने कहा, ‘जब हम किसानों, बेरोजगारों और दलितों सहित समाज के हर तबके की समस्याएं सुलझा लेंगे तब जीत का जश्न मनाएंगे.’ उन्होंने कहा, पंजाब में आप पार्टी राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिखाए रास्ते पर चलेगी.

राजनीति की धार तेज करते हुए आप नेतृत्व ने तय किया है कि वह गेहूं खरीद के मुद्दे पर राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनोरे से मिलेंगे. संजय सिंह ने कहा, पार्टी 1 अप्रेल से शुरू हो रहे गेहूं खरीद के मौसम का इंतजार कर रही है और उसकी कार्ययोजना तैयार कर रही है. पार्टी नेतृत्व पंजाब के राज्यपाल से मिल कर रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) जारी करने के लिए उनसे हस्तक्षेप की मांग करेगी. पिछले साल गेहूं खरीद में सीसीएल घोटाला मुख्य चुनावी मुद्दा रहा था.

जांच और कार्रवाई

संजय सिंह व पार्टी के वरिष्ठ नेता एच.एस फुल्का ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने सीसीएल के लिए प्रयास नहीं किया और किसानों को मरने के लिए छोड़ दिया. उन्होंने कहा अगर पंजाब में आप पार्टी की सरकार बनी तो हम पंजाब के करोड़ों रूपए के खाद्यान्न घोटाले की जांच करवाएंगे, जिसमें मुख्यमंत्री के दामाद आदेश प्रताप कैरों दोषी पाए गए हैं. उन्होंने फिर दोहराया कि बिक्रम मजीठिया को 15 अप्रेल से पहले गिरफ्तार कर लिया जाएगा और नशे के धंधे में लिप्त अन्य लोग भी महीने भर में जेल की सलाखों के पीछे होंगे.

जिस दिन से मतदान संपन्न हुए आप कार्यकर्ता प्रदेश भर में ईवीएम मशीन केन्द्रों के आस-पास निगरानी रखे हुए हैं ताकि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी किसी तरह की गड़बड़ी न कर सके. कुछ दिन पहले आप पार्टी ने मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) से मिल कर अपील की थी कि वे ईवीएम केंद्रों में किसी भी तरह की गतिविधियों पर पाबंदी लगाएं.

आप की प्रदेश इकाई के संयोजक गुरप्रीत सिंह वराइच, विधि प्रकोष्ठ संयोजक हिममत सिंह शेरगिल और संवाद समिति अध्यक्ष कंवर संधू ने कहा, पटियाला में जिला निर्वाचन अधिकारी ने इन चुनावों की ईवीएम मशीनों के साथ ही पुरानी ईवीएम मशीनें रखने की अनुमति दे दी; इसे देखते हुए गड़बड़ी की किसी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

उन्होंने कहा, भले ही चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण दे दिया हो कि वे ईवीएम मशीनें नगरपालिका चुनावों की थी लेकिन यह कार्रवाई असामान्य व संदिग्ध कही जा सकती है. आप नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक जिले के अधिकारियों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश से कोई सरोकार नहीं होना चाहिए.

आप नेतृत्व के अनुसार करीब 15 हजार कार्यकर्ता ईवीम मशीनों की निगरानी कर रहे हैं और अगर सत्ताधरी अकाली-भाजपा गठबंधन ने इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोशिश की तो वे उसे विफल कर देंगे. उन्होंने कहा अकाली दल नेताओं को हार का भय सता रहा है और इसीलिए वे ईवीएम मशीनों को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग किसी भी अधिकारी को सुरक्षा का पहला ही घेरा ना पार करने दे.

आप नेता अहबाब ग्रेवाल ने कैच न्यूज को बताया हम स्ट्रांग रूम्स की पहरेदारी इसी तरह करते रहेंगे. साथ ही हम अपना घोषणा पत्र लागू करने की कार्य योजना भी तैयार कर रहे हैं.

कांग्रेस ने इसे बौखलाहट कहा

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आप द्वारा इसके जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष नेताओं के बीच व्याप्त यह अनावश्यक खौफ और कुछ नहीं उनके हारने की आशंका को दिखाता है. कांग्रेस अध्यक्ष कैपटन अमरिंदर सिंह ने कहा ‘‘आप पार्टी का यह हाल हो गया है कि पार्टी में से उठ कर कोई भी कार्यकर्ता किसी भी तरह की शिकयत लेकर सीधे चुनाव आयोग पहुंच जाता है. यही बौखलाहट दिखाती है कि वे चुनाव परिणामों से डर रहे हैं.

अमरिंदर सिंह ने मांग की कि न्यायपालिका की जहां तक बात है, चुनाव आयोग को एक नियम यह भी बनाना चाहिए कि जो पार्टियां व उम्मीदवार लोग बिना वजह की शिकायतें और याचिकाएं लगाने में लिप्त पाए जाएं उन पर जुर्माना लगाया जाए.

First published: 1 March 2017, 7:56 IST
 
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