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सबरीमाला मंदिर: महिलाओं की एंट्री पर दंगल, राज्य सरकार का रिव्यू पिटीशन दाखिल करने से इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 October 2018, 13:06 IST
(file photo )

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर राजनीति जारी है. सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दे दी है. जिसका कड़ा विरोध देखने को मिल रहा है. सबरीमाला मंदिर का कपाट बुधवार को 5 दिन की मासिक पूजा के लिए खुलने वाला है. यानी बुधवार से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो रही है.

कई महिला संगठनों ने मंदिर में प्रवेश की योजना बना ली है. वहीं केरल की वामपंथी सरकार ने भी महिलाओं के प्रवेश को लेकर सारी तैयारी कर ली है. केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

एएनआई की खबर के मुताबिक, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है. सरकार सभी भक्तों को मंदिर में प्रवेश कर पूजा अर्चना करनी की सुविधा उपलब्ध कराएगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करेगी. हमने कोर्ट में कहा था कि हम आदेश का पालन करेंगे.

एक तरफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू कराने के लिए सारी तैयारी कर ली है. वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी और कई धार्मिक संगठनों ने केरल की विजयन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बीजेपी की मांग है कि राज्य सरकार फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल करे.

वहीं, त्राणवकोर देवसोम बोर्ड ने तांत्री (प्रमुख पुरोहित) परिवार, पंडलाम राजपरिवार और अयप्पा सेवा संघम सहित कई धार्मिक संगठनों ने मंगलवार को एक बैठक बुलाई है. समेत अलग-अलग संगठनों की मंगलवार को बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा की जाएगी. बता दें कि पिछले सोमवार को मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने मंदिर के पुजारी परिवार (पंडालम) को बैठक के लिए बुलाया था. ताकि बीच का कोई रास्ता निकाला जा सके. लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने केरल के सबरीमला मंदिर में महिला के प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की प्रथा को असंवैधानिक करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सभी उम्र की महिलाओं के लिए मंदिर के दरवाजे खोल दिए गए हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है.

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First published: 16 October 2018, 12:57 IST
 
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