Home » राज्य » Sidhu's pinch-hitting for Congress with sharp slogans, humour may work well for Punjab
 

पंजाबः चुनाव के अंतिम दौर में सिद्धू के मास्टर स्ट्रोक्स

राजीव खन्ना | Updated on: 11 February 2017, 5:43 IST

विधानसभा चुनाव को देखते हुए पंजाब में मचे राजनीतिक घमासान के बीच नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के लिए काफी दमदार प्रचारक साबित हो रहे हैं. यहां आम आदमी पार्टी के लिए भगवंत मान भीड़ जुटाने वाले साबित हो रहे हैं तो कांग्रेस के लिए सिद्धू. 

वे स्टेज पर आ कर ऐसे बोलना शुरू करते हैं जैसे उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर अभी-अभी छक्का मारा हो और उन्हें सुनने वालों की भीड़ भी सुर में सुर मिलाती नजर आती है, वे ऐसे नारे लगाते हैं, ‘आ गया सिद्धू, छा गया सिद्धू.’ फिर सुनाई देते हैं सिद्धू के बोल, ‘भाग बादला, भाग कि पंजाब दी जनता आऔंदी है.’ इसके बाद मामूली-सी औपचारिकताएं होती हैं और फिर शुरू होता है हास्य और व्यंग्य से भरा सिद्धू का भाषण और यहां शब्दों की तो कोई कमी है ही नहीं.

एक ओर पंजाब का सत्ताधारी अकाली-भाजपा गठबंधन और दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल व आप के पंजाब प्रभारी सिद्धू के निशाने पर रहते हैं. इसके लिए सिद्धू गुरबानी के शबद, गुरुनानक के कथन से लेकर फैज अहमद फैज की शेरो-शायरी तक का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं. 

‘‘मैं इनानुं पुत्था पा दूं. गुरुनानक ने केहा सि कि सब कुछतेरा,तेरा, तेरा. पर बादलां दा कहना वा सब कुछ मेरा, मेरा, मेरा. एै अकाली दल हुण खाली दल बण जावैगा.’ नारों के शोरगुल और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने कहा,‘मैं उन्हें धूल चटा कर ही रहूंगा.’

लतीफ़ेबाज़ी

अमृतसर (पूर्व) में सिद्धू के अपने विधानसभा क्षेत्र के पवन नगर में आयोजित एक सभा में एक युवा ने सिद्धू से आग्रह किया कि वे ड्रग्स का कारोबार फैलाने वाले अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार करें. सिद्धू ने तुरंत जवाब दिया, ‘मैं आपको गले लगाना चाहता हूं. ऐसा जरूर होगा क्योंकि यहां कानून का राज है. उनको अपने कर्मों की सजा मिलेगी और वे जेल जरूर जाएंगे.’

इसके बाद वे खालिस पंजाबी में जाट के घर में दूध पीने वाले बिल्ले का एक चुटकुला सुनाते हैं. वे कहते हैं, जाट ने जब आकर देखा कि बिल्ले की मूछों पर दूध की बूंदें लगी हैं तो उसने बिल्ले को उठाकर दीवार पर दे मारा. जब घरवालों ने कहा कि बिल्ले को दीवार पर मारने से क्या दूध वापस आ जाएगा तो उसने कहा, ‘मुझे उसके दूध पीने से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि इस बात पर है कि मुझसे इसकी मूछों के ताव नहीं देखे जाते. पंजाब की जनता में भी यही भावना है.’

इसी संदर्भ को आगे बढ़ाते हुए सिद्धू कहते हैं कि भाजपा और अकाली दल ने भी उन्हें अमृतसर से दूर रखने की कोशिश की और बताया कि किन हालात में उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं ‘गुरू घर’ से अलग नहीं रह सकता और न ही अपनी जनता से दूर रह सकता हूं जो मुझे बार-बार अपना प्रतिनिधि चुन कर संसद भेजती है.

केबीके ग्राफिक्स

कपटी केजरीवाल

उन्होंने केजरीवाल पर चुटकी लेते हुए कहा कि वे भी उन्हें पंजाब से दूर रहने की सलाह दे रहे थे और जब उन्हें भनक लगी कि मैं कांग्रेस में शामिल होने वाला हूं तो मुझे उप मुख्यमत्री की कुर्सी ऑफर कर दी. केजरीवाल को टोपीवाला कपटी प्रकृति का व्यक्ति करार देते हुए उन्होंने कहा, ‘जब कभी मैं केजरीवाल को देखता हूं मुझे वह गाना याद आ जाता है,‘तिरछी टोपी वाले.’जब मैंने उनसे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछा तो वे बात टाल गए.’

उसके बाद उन्होंने पंजाबी में एक मुहावरे के साथ बात खत्म की. वे बोले, ‘साड्डी ते घोड़ी वी तैयार है ते लाडा (कैप्टन अमरिंदर सिंह) वी बै गया है; ते बारात वी चल पाई है; बुर त्वाहडे ते बारात तैयार खड़ी है, वोटी पीपल थल्ले है ते दूल्हा कौन है किसी नूं पता नहीं.’ अपने भाषण के अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बदलाव के लिए वोट दें, पंजाबी आन-बान और शान के लिए वोट दें. 

इकतरफा जीत के आसार

अमृतसर (पूर्व) की सीट पर सिद्धू की टक्कर का कोई आसामी खड़ा नहीं दिख रहा. भाजपा ने इस सीट से राजेश हनी को टिकट दिया है, वहीं आप ने 28 साल के सरबजोत सिंह को टिकट दिया है. सिद्धू की ये छोटी-छोटी सभाएं बड़ी-बड़ी रैलियों जितनी ही प्रभावशाली साबित हो रही हैं.

एक स्थानीय अधिवक्ता मुख्ताज सिंह वरका ने बताया जनता सिद्धू को यहां स्थानीय सांसद के तौर पर उनके कार्यकाल के लिए जानती है. सिद्धू की वजह से ही शहर को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सौगात मिली है. उन्होंने यहां ठोस अपशिष्ट निस्तारण तंत्र की व्यवस्था करने की भी कोशिश की लेकिन अकालियों ने उनकी कोशिशों पर पानी फेर दिया. इसके बजाय उन्होंने जबरदस्ती शहर में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) लागू कर दिया, जो कि बाकी सब जगह विफल रहा है. 

स्थानीय लोगों का कहना है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सिद्धू को कांग्रेस का दूसरा चेहरा बताया है. इसे ध्यान में रखते हुए लोग सिद्धू को उप मुख्यमंत्री पद का दावेदार मानते हुए वोट दे रहे हैं. लोगों का मानना है कि सिद्धू एकदम साफ छवि वाले सेलिब्रिटी हैं. 

लोग यह भी कहते हैं कि उनकी पत्नी भी इस सीट से विधायक रहते हुए बादल परिवार की मुख़ालिफत करती रही हैं. राजेश हनी भाजपा के प्रदेश इकाई प्रमुख एवं यहां से दो बार पार्षद रह चुके हैं. स्थानीय जनता के साथ जुड़ाव और क्षेत्र में उनकी मौजूदगी उनका प्लस पॉइंट कहा जा सकता है. साथ ही वे अकाली-भाजपा गठबंधन के विकास कार्यों पर भी वोट अपील कर रहे हैं. 

दूसरी ओर सरबजोत सिंह अभी राजनीतिक करियर शुरू ही कर रहे हैं. वे मुख्यतः विकास और शिक्षा का स्तर सुधारने के मुद्दों पर वोट मांग रहे हैं. हालांकि सिद्धू पूरे पंजाब में कांग्रेस के लिए वोट अपील कर रहे हैं लेकिन उनका फोकस अमृतसर (पूर्व) सीट पर ही रहेगा. स्थानीय सीट से उम्मीदवार बनाए जाते ही बाकी चार सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है.

First published: 4 February 2017, 7:33 IST
 
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