Home » राज्य » Supreme Court oreders to State Election Commission West Bengal Panchayat elections will be held on May 14, as per the earlier schedule
 

सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को लगा बड़ा झटका, पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला किया रद्द

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 May 2018, 17:24 IST

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव 14 मई को ही कराने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उन्ही सीटों पर नतीजे घोषित किए जाएं जिन सीटों पर अलग अलग दलों के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें उम्मीदवारों के द्वारा ऑनलाइन दाखिल किए गए नामांकन पत्रों को स्वीकार करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीपीआईएम, बीजेपी और कांग्रेस को नोटिस भी जारी किया है. इस मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी.

पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रत्याशियों द्वारा ऑनलाइन दाखिल किए गए नामांकन पत्रों को स्वीकार करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. जिस पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के उम्मीदवारों के ऑनलाइन नामांकन दाखिल करने करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है.  सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन सीटों पर नामांकन दाखिल नहीं किए गए हैं, उन सीटों पर नतीजों की घोषणा ना की जाए.

पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रत्याशियों द्वारा ऑनलाइन दाखिल किए गए नामांकन पत्रों को स्वीकार करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. जिस पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के उम्मीदवारों के ऑनलाइन नामांकन दाखिल करने करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है.  सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन सीटों पर नामांकन दाखिल नहीं किए गए हैं, उन सीटों पर नतीजों की घोषणा ना की जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि पंचायत चुनाव 14 मई को ही कराए जाएं. इसके साथ ही चुनाव आयोग को आदेश दिया है वो बिना कोर्ट के आदेश के उन 34 फीसदी उम्मीदवारों के नतीजे घोषित नहीं करेगा, जहां कोई प्रत्याशी नहीं है.  सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को गलत बताते हुए कहा है कि वह कैसे जनप्रतिनिधि एक्ट में IT एक्ट जोड़ सकता है.

 

First published: 10 May 2018, 16:55 IST
 
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