Home » राज्य » supreme court raised questions to gujrat govt for the delay in the trial of self-styled godman Asaram Bapu in rape case.
 

आसाराम रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को लगाई फटकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 August 2017, 10:32 IST

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम द्वारा गुजरात के अपने आश्रम में महिला से रेप के मामले में धीमी सुनवाई को लेकर गुजरात सरकार को फटकार लगाई. न्यायमूर्ति एन.वी.रमन व न्यायमूर्ति अमिताव रॉय की पीठ ने गुजरात सरकार से पूछा कि अब तक पीड़ित की जांच क्यों नहीं की गई.

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने गुजरात सरकार को स्थिति पर अपना हलफनामा देने को कहा. अदालत मामले पर दीवाली की छुट्टियों के बाद सुनवाई करेगी. मामले की पिछली सुनवाई में 12 अप्रैल को पूर्व प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर, न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की खंडपीठ ने गुजरात सरकार को गवाहों की जांच में व्यावहारिक रूप से जितना संभव हो सके, तेजी लाने का निर्देश दिया था.

शीर्ष अदालत की प्रतिक्रिया यह सूचित किए जाने पर आई कि अभियोजन पक्ष के 29 गवाहों की जांच की गई और 46 अन्य की जांच बाकी है. राज्य सरकार द्वारा समय मांगे जाने पर अदालत ने समय देते हुए कहा, "मुकदमे में तेजी लाएं और इसे देर नहीं करे."

इस मामले में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आसाराम ने 2001 से 2006 के बीच उसका यौन उत्पीड़न किया. इस दौरान वह गुजरात के उनके आश्रम में रह रही थी. पीड़िता की छोटी बहन ने आसाराम के बेटे नारायण साई के खिलाफ भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई है.

गौरतलब है कि आसाराम सितंबर 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं. उनकी गिरफ्तारी राजस्थान में अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की के रेप के आरोप कते बाद हुई.

First published: 29 August 2017, 10:32 IST
 
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