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छत्तीसगढ़: सेक्स सीडी मामले में CM बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत, ट्रायल पर लगाई रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 October 2019, 14:46 IST

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ कथित सेक्स सीडी मामले में चल रहे आपराधिक मुकदमे पर रोक लगा दी. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एसए बोबडे और एसए नजीर की एक पीठ ने बघेल को भी एक नोटिस जारी किया है. CBI ने एक याचिका में छत्तीसगढ़ से इस मामले को स्थानांतरित करने की मांग की गई थी. कहा गया था कि मुख्यमंत्री कथित तौर पर गवाहों को धमका रहे थे.

सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अभियोजन पक्ष के दो गवाहों ने जांच एजेंसी के पास शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ सबूत देने के लिए बघेल के इशारे पर धमकी दी गई है. सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता कलिश मुरारका, बघेल और चार अन्य पर पूर्व राज्य मंत्री राजेश मूणत का मॉर्फ्ड सेक्स वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने का क्रॉप था.

 

पिछले साल 27 सितंबर को मुरारका ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया. बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. भाजपा ने पिछले साल मुरारका को पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

मुरारका ने कहा था कि बघेल का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और वह पाफ साफ़ हैं. बघेल को पिछले सितंबर में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, लेकिन एक अदालत ने जल्द ही उन्हें जमानत दे दी. दिसंबर में बघेल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने. सेक्स सीडी मामले के अन्य आरोपी वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा, भिलाई के व्यवसायी विजय भाटिया, विजय पंड्या और रिंकू खानूजा हैं. रायपुर स्थित ऑटोमोबाइल डीलर खानूजा ने जून 2018 में आत्महत्या कर ली थी.

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First published: 21 October 2019, 14:36 IST
 
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