Home » राज्य » Tamil Nadu-state Government files a reply in SC that no farmer had committed suicide in the state
 

'तमिलनाडु में किसी किसान ने नहीं की आत्महत्या'

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2017, 15:09 IST

तमिलनाडु में सूखे पड़ने के कारण किसानों की खुदकुशी मामले में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आज जवाब दिया. किसानों की खुदकुशी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को पिछली सुनवाई में आड़े हाथों लिया था और आज उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी देने को कहा था.सुप्रीम कोर्ट एक गैर सरकारी संगठन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है. लेकिन आज सबको हैरान करते हुए तमिलनाडु में शासित ईके पलानीसामी सरकर ने कोर्ट में कहा कि तमिनाडु में किसी भी किसान ने आत्महत्या ने नहीं की है. खेती में हुए नुकसान और सूखे के कारण राज्य में खुदकुशी की खबरें गलत है.

 

 

तमिलनाडु सरकार ने देश की सबसे बड़ी अदालत में कहा कि राज्य में जिस भी किसान ने हत्या की है वो उसने अपने निजी कारणों से की है .

 

गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले तक तमिलनाडु से दिल्ली आए सौ से ज्यादा किसानों ने अपनी मांग को लेकर जंतर-मतंर पर धरना दिया था और तमिलनाडु के सीएम के आश्वासन के बाद वो तमिलनाडु में वापस लौटे थे. तमिलनाडु के इन किसानोँ की मांग है कि उन्हें सूखे से बचाने के लिए मोदी सरकार चालीस हजार करोड़ रुपए का राहत पैकेज दे. इसके साथ ही इन किसानों के  कृषि कर्ज माफ करने के साथ ही अपने इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है.

किसानों का कहना है कि तमिलनाडु में पड़े भीषण सूखे के कारण उनकी वित्तीय हालत बहुत खराब हो गई है. तमिलनाडु में इस साल भयकंर सूखा पड़ा है जो पिछले कई दशकों से भी खतरनाक है. तमिलनाडु में कई किसानों ने इस साल खुदकुशी की है.ये किसान अपने साथ उन नर कंकालों को भी लाए हैं, जिन्होंने खेती में घाटा होने पर आत्महत्या कर ली थी. 

First published: 28 April 2017, 15:09 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी