Home » राज्य » Tapas Pal drags Babul Supriyo's name into Rose Valley scam, Supriyo calls it political vendetta
 

रोज वैली चिटफंड घोटाला में बाबुल सुप्रियो का नाम आना राजनीतिक साज़िश है?

सुलग्ना सेनगुप्ता | Updated on: 10 February 2017, 1:37 IST
(कैच न्यूज़)

पश्चिम बंगाल के रोज वैली चिटफंड मामले में गिरफ्तार किए गए तूणमूल कांग्रेस सांसद तापस पाल ने अब इस मामले में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को भी घसीट लिया है. हालांकि सुप्रियो ने स्वीकार किया है कि उनके इस समूह के साथ सम्बंध थे. उन्होंने यह साफ किया है कि रोज वैली के साथ वह एक बार जुड़े जरूर थे, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह घोटाले में शामिल हैं.

सुप्रियो ने कहा कि मैं तृणमूल कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए उन वीडियो को लेकर कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा हूं. मैंने टीवी चैनलों से कहा है कि वे मुझे वह फुटेज उपलब्ध कराएं जिसमें तापस पाल और उनकी पत्नी ने मेरा नाम लिया है. उन्होंने कहा कि मैंने अपने वकील को कहा है कि मानहनि का दावा दायर करने के लिए विकल्प तैयार रखें.

सुप्रियो ने यह भी कहा कि दोनों लोग दीदी (ममता बनर्जी) और पाल ने मुझे राजनीतिक प्रतिशोध के बदले से फंसाया है. मगर सुप्रियो ममता का सम्मान भी बहुत करते हैं. उन्होंने ममता को इस बात के लिए धन्यवाद भी दिया कि उन्होंने जब नई दिल्ली में अपने विवाह समारोह के लिए बंग भवन बुक किया था तो मुख्यमंत्री ने उसका किराया बहुत ही कम लिया था.

रूपा गांगुली का भी नाम?

लेकिन, यह 'प्रतिशोध' केवल सुप्रियो के ही खिलाफ हो, ऐसा नहीं है. ममता ने यह भी दावा किया है कि एक अन्य भाजपा सांसद रूपा गांगुली भी इस चिट फंड घोटाले में शामिल रही हैं. ममता बनर्जी ने कहा है कि उन्हें सूचना मिली है कि रूपा के भी सम्बंध चिट फंड समूह से रहे हैं.

ममता बनर्जी ने तापस पाल की गिरफ्तारी के बाद कहा कि समूह अपने क्रियाकलापों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म स्टार्स, अभिनेताओं, प्रख्यात हस्तियों की सेवाएं ले सकता है. कोई भी व्यक्ति किसी भी कम्पनी का ब्रांड एम्बेसडर बन सकता है. लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं कि वह घोटाले में शामिल है. अगर कोई व्यक्ति केन्द्र की सत्ता में है, तो वह कुछ भी कर सकता है. मैं भी किसी को जेल में डाल सकती हूं लेकिन ऐसा करना लोकतांत्रिक नहीं है.

दूसरी ओर, रूपा गांगुली ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने कुछ कहा है तो उसे देखे जाने की जरूरत है. वह समुचित साक्ष्य के बिना इस पर कुछ भी कह नहीं सकतीं.

कहना न होगा कि दोनों ही राजनीतिक दल तृणमूल और भाजपा एक-दूसरे पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने का आरोप लगा रहे हैं. यह देखा जाना बाकी है कि समूह से जिसे लाभ हुआ है, उसे दंडित किया जाता है या नहीं.

तृणमूल सांसद तापस पाल ने कहा कि रोज वैली समूह के चेयरमैन गौतम कुंडू ने उन्हें 'प्रसिद्ध' कर दिया है. उनकी बेगुनाही साबित हो जाएगी. मुझे मालूम है कि मैंने कभी किसी से फायदा नहीं लिया है. इस बीच सीबीआई एक अन्य बांग्ला अभिनेत्री, जो तृणमूल सांसद भी हैं, से भी पूछताछ कर सकती है.

First published: 4 January 2017, 8:01 IST
 
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