Home » राज्य » TMC MP Sudip did not accept CBI's summon
 

तृणमूल के सासंद ने सीबीआई के समन को दिखाया ठेंगा

सुलग्ना सेनगुप्ता | Updated on: 28 December 2016, 8:11 IST
(फ़ाइल फोटो )
QUICK PILL
  • तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय को सीबीआई ने सोमवार को कोलकाता कार्यालय में पेश होने के लिए समन दिया था.
  • मगर सुदीप ने सीबीआई के समन को नज़रअंदाज करते हुए कहा है कि उनपर यह कार्रवाई दुर्भावना से प्रेरित है.

रोज वैली चिट फंड स्कीम के सम्बंध में पूछताछ के लिए तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को सीबीआई द्वारा बुलाया जाना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नागवार गुजरा है. ममता बनर्जी इस घटनाक्रम से गुस्से में हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. ममता ने कहा है कि प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से हार का बदला लेने के लिए अब केंद्रीय जांच एजेंसियों का सहारा ले रहे हैं.

बंगाल की मुख्यमंत्री ने तो यहां तक कहा कि आखिर क्यों आयकर विभान ने अमित शाह से पूछताछ भी नहीं की, जबकि यह उजागर हो चुका है कि 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के ठीक पहले अमित शाह ने भाजपा द्वारा बड़ी मात्रा में विभिन्न राज्यों में जमीन खरीदे जाने की अनुमति दी थी.

वहीं सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि वे एक बार फिर बंधोपाध्याय को सीबीआई के समक्ष जितना जल्दी हो सके, पेश होने के लिए समन भेजेंगे. अगर तब भी बंधोपाध्याय नहीं आते हैं तो हम उनके खिलाफ जो भी कानूनी कार्रवाई जरूरी है वो करेंगे.

दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई

वहीं बंधोपाध्याय का कहना है कि वे सीबीआई को पहले ही बता चुके थे कि वे पार्टी के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण सीबीआई के समक्ष पेश नहीं हो पाएंगे. तृणमूल नेताओं का कहना है कि वे भाजपा की इस बदले की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे. उनका कहना है कि तृणमूल के सांसद के खिलाफ मोदी शासन की कार्रवाई दरअसल उन क्षेत्रीय पार्टियों को सबक सिखाने की कोशिश है जो कि विमुद्रीकरण का खुला विरोध कर रही हैं.

बंधोपाध्याय का कहना है, इसका मतलब यह है कि अगर आप भाजपा के खिलाफ बोलते हैं तो वे आपके खिलाफ सीबीआई, ईडी और दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल करेंगे. लेकिन बंधोपाध्याय जोर देकर कहते हैं कि भाजपा तृणमूल को रोक नहीं पाएगी. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस नोटबंदी का विरोध करती रहेगी. 

बंधोपाध्याय कहते हैं कि सीबीआई पूरी तरह से प्रधानमंत्री के अधीन काम करती है. ऐसा हो नहीं सकता कि सीबीआई यह सब कर रही हो और प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी नहीं हो. इसलिए सीबीआई की भूमिका भी एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच होना चाहिए.

तृणमूल कांग्रेस के दूसरे नेताओं का कहना है कि मंगलवार को ममता बनर्जी विपक्ष के दूसरे नेताओं से दिल्ली में मुलाकात कर नोटबंदी के विरोध की रणनीति पर चर्चा करेंगी. इस बात का विशेषकर ध्यान रखा जाएगा कि भाजपा उसके नेताओं के खिलाफ सीबीआई का इस्तेमाल शारदा और रोज वैली घोटाले की जांच में कर सकती है.

मालूम हो कि रोज वैली घोटाले की जांच के सिलसिले में ईडी पिछले सप्ताह 1250 करोड़ की संपत्ति अटैच कर दी है, जिसमें 6 होटल भी शामिल हैं. इसके पूर्व सीबीआई ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम एक्ट के अंतर्गत रोज वैली समूह कंपनियों के चेयरमैन गौतम कुंडु और अन्य के खिलाफ चार्ज शीट दायर की थी.

वहीं बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है कि बंधोपाध्याय डरे हुए हैं इसलिए वह सीबीआई के कार्यालय नहीं पहुंचे.

First published: 28 December 2016, 8:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी