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'सबका साथ-सबका विकास' के लिए योगी ने मुस्लिम को बनाया मंत्री

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 19 March 2017, 16:50 IST
(एएनआई)

अब तक भारतीय जनता पार्टी के कट्टर हिंदूवादी और फायरब्रांड नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के साथ ही अपनी छवि तोड़ने की कोशिश की है. पार्टी के नारे 'सबका साथ-सबका विकास' को पूरा करने वाले नेता बनने के लिए योगी ने अपने मंत्रिमंडल में एक मुस्लिम नेता को भी शामिल किया है.

दरअसल भारतीय जनता पार्टी ने इस बार उत्तर प्रदेश चुनाव में 403 सीटों पर एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दी थी. सूबे में भाजपा + को मिली 325 सीटों में से भी एक भी विधायक मुस्लिम नहीं है. कहा जा रहा था कि इसके पीछे की वजह भाजपा को सूबे में ध्रुवीकरण करना था. संभवता पार्टी इसमें सफल भी रही और उसे प्रचंड बहुमत मिला.

11 मार्च को आए चुनाव परिणाम के बाद अप्रत्याशित जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में तमाम नामों की चर्चा हुई. इनमें राजनाथ सिंह, मनोज सिन्हा, केशव प्रसाद मौर्य और योगी आदित्यनाथ का नाम सबसे आगे चल रहा था.

18 मार्च को भी दिन भर मनोज सिन्हा का नाम ही आगे रहा लेकिन शाम को भाजपा आलाकमान की हरी झंडी के बाद गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुन लिया गया.

कट्टर हिंदूवादी नेता की छवि रखने वाले योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित किए जाने के बाद प्रदेश के हालात बिगड़ने की संभावना जताई गई और कहा गया कि इससे दक्षिणपंथी ताकतें मजबूत होंगी और सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है.

 

हालांकि भाजपा आलाकमान ने शायद 'सबका साथ-सबका विकास' के तहत पहले ही सोशल इंजीनियरिंग पूरी कर ली थी और बस इसकी घोषणा करनी बाकी थी. रविवार को शपथ ग्रहण समारोह में एक ओर योगी आदित्यनाथ ने सीएम पद की शपथ ली तो दूसरी ओर उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में सभी को स्थान दिया.

मंत्रिमंडल में योगी समेत 50 मंत्रियों ने शपथ ली. इनमें 17 ओबीसी, छह दलित, आठ राजपूत, आठ ब्राह्मण, एक यादव समेत एक मुस्लिम नेता को भी जगह मिली.

एक भी मुस्लिम विधायक न जीतने वाली पार्टी द्वारा अपने मंत्रिमंडल में मोहसिन रजा को शामिल किया गया है. पूर्व क्रिकेटर मोहसिन रजा ने विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा से हाथ मिला लिया था. भाजपा ने उन्हें प्रवक्ता बनाया था और वे अक्सर भाजपा का पक्ष रखते नजर आते थे.

 

2013 में पहली बार मोहसिन ने भाजपा के समर्थन में पोस्टर लगाकर सबका ध्यान आकर्षित किया था. 40 साल के मोहसिन ने गवर्नमेंट जुबली इंटर कॉलेज से पढ़ाई की और इसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया.

हालांकि फिलहाल मोहसिन विधायक नहीं हैं लेकिन अब उन्हें छह माह के अंदर विधायक बनने के लिए विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता हासिल करनी होगी.

First published: 19 March 2017, 16:49 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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