Home » राज्य » Uttarakhand CM Trivendra Rawat wife Sunita Rawat is posted in a school in Dehradun's Ajabpur Kalan since 1996 even after she received promot
 

उत्तराखंड: सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाली CM त्रिवेंद्र रावत की पत्नी का 22 साल से नहीं हुआ ट्रांसफर

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 June 2018, 17:43 IST

एक तरफ ट्रांसफर की अर्जी लेकर जनता दरबार में पहुंची महिला प्रिंसिपल की जब सुनवाई नहीं हुई तो उसको सीएम त्रिवेंद्र रावत ने संस्पेंड करवा दिया. वहीं दूसरी तरफ सीएम रावत की पत्नी पिछले 22 साल से एक ही स्कूल में टीचर बनी हुई है. 22 साल से उनका किसी दूसरी जगह ट्रांसफर तक नहीं हुआ है. सबसे बड़ी बात ये कि प्रमोशन मिलने के बाद भी त्रिवेंद्र रावत की पत्नी का ट्रांसफर नहीं किया जाता है.

एक आरटीआई पूछताछ से खुलासा हुआ है कि सीएम त्रिवेंद्र रावत की पत्नी सुनीता रावत 1996 से देहरादून के अजबपुर कलान के एक स्कूल में पोस्टेड हैं. उनका अभी तक एक बार भी वहां से ट्रांसफर नहीं हुआ है. साल 2008 में पदोन्नति मिलने के बाद भी वे अभी तक वहीं पर तैनात है. जबकि पिछले तीन साल से देहरादून आने के लिए अपने ट्रांसफर की गुहार लगाने वाली एक महिला प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया जाता है.

ट्रांसफर की गुहार लेकर पहुंची महिला प्रिंसिपल को सीएम त्रिवेंद्र रावत ने किया निलंबित

28 जून को ट्रांसफर की अर्जी लेकर जनता दरबार में पहुंची महिला प्रिंसिपल की जब सुनवाई नहीं हुई तो उसने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को चोर-उचक्का कह दिया. इसको लेकर सीएम त्रिवेंद्र अपना आपा खो बैठे. उन्होंने महिला को निलंबित कर गिरफ्तार करने के आदेश जारी कर दिया. महिला प्रिंसिपल नाम  उत्तरा बहुगुणा है. 

महिला प्रिंसिपल उत्तरा बहुगुणा (57) उत्तरकाशी के ग्रामीण इलाके में पिछले 25 सालों से प्राइमरी स्कूल में तैनात हैं. उनका कहना है कि उनके पति की तीन साल पहले मौत हो गई है. उनके बच्चे देहरादून में रहते हैं. वह अपना ट्रांसफर देहरादून कराना चाहती हैं. वह पिछले तीन साल से चक्कर काट रही हैं. लेकिन अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें-  उत्तराखंड: सीएम त्रिवेंद्र रावत ने जनता दरबार को बनाया 'राज दरबार'

First published: 29 June 2018, 17:41 IST
 
अगली कहानी